Edited By Niyati Bhandari,Updated: 30 Jun, 2026 10:08 AM

सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच के अनुरोध वाली याचिका पर त्वरित सुनवाई से सोमवार को इन्कार कर दिया। न्यायमूर्ति एम. एम. सुंदरेश और न्यायाधीश शील नागू की पीठ ने कहा कि इस मामले को ग्रीष्मकालीन...
नई दिल्ली (एजैंसी): सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच के अनुरोध वाली याचिका पर त्वरित सुनवाई से सोमवार को इन्कार कर दिया। न्यायमूर्ति एम. एम. सुंदरेश और न्यायाधीश शील नागू की पीठ ने कहा कि इस मामले को ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा। पीठ ने मौखिक टिप्पणी की, ‘आसमान नहीं टूट पड़ेगा ...इतनी क्या जल्दी है।’
अधिवक्ता अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सी.बी.आई.) के नेतृत्व वाले एक बहु-विषयक विशेष जांच दल (एस.आई.टी.) को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मामलों और प्रशासन से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं व अन्य कथित अवैधताओं की जांच करनी चाहिए। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के अनुरोध वाली याचिका में केंद्र, उत्तर प्रदेश सरकार और मंदिर ट्रस्ट को सार्वजनिक हित की रक्षा करने तथा करोड़ों भक्तों व दानदाताओं का विश्वास बनाए रखने के लिए आवश्यक नियामक, पर्यवेक्षी और ऑडिट तंत्र का गठन व संचालन करने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया है।
याचिका में कहा गया, ‘धन के कथित गबन और अन्य कथित अनियमितताओं की खबरें सही साबित हों या नहीं, लेकिन इन खबरों ने उन पीढ़ियों के बीच गहरी चिंता पैदा कर दी है, जिन्होंने अयोध्या की गौरवपूर्ण विरासत की पुनर्स्थापना के लिए लंबा संघर्ष किया है।’