Edited By Niyati Bhandari,Updated: 19 Jun, 2026 01:55 PM

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने कहा है कि राम मंदिर चढ़ावा मामले को फिलहाल ‘सांठगांठ’ करार देना जल्दबाजी होगी, क्योंकि मामले की जांच अभी जारी है। उन्होंने माना कि दान की गिनती और निगरानी...
अयोध्या (विशेष): श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने कहा है कि राम मंदिर चढ़ावा मामले को फिलहाल ‘सांठगांठ’ करार देना जल्दबाजी होगी, क्योंकि मामले की जांच अभी जारी है। उन्होंने माना कि दान की गिनती और निगरानी व्यवस्था में चूक हुई है, लेकिन जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण समिति का चढ़ावे या दान राशि के प्रबंधन से कोई संबंध नहीं है। उनके अनुसार, हर महीने औसतन 10 से 12 करोड़ रुपए का दान मिलता है, जबकि सालाना चढ़ावा 75 से 80 करोड़ रुपए के बीच रहता है। पिछले 11 महीनों में 16 करोड़ श्रद्धालुओं ने दर्शन किए और इस दौरान 83 करोड़ रुपए का चढ़ावा प्राप्त हुआ।
नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि डोनेशन रूम में लगे सी.सी.टी.वी. कैमरों की रिकॉर्डिंग 45 दिन बाद स्वतः मिट जाती है। उन्होंने स्वीकार किया कि फुटेज को सुरक्षित रखा जा सकता था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। हालांकि पिछले 45 दिनों की रिकॉर्डिंग में दान राशि के साथ कथित छेड़छाड़ के संकेत मिले हैं। उन्होंने राम मंदिर जैसे अंतर्राष्ट्रीय महत्व के धार्मिक केंद्र के लिए अनुभवी मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सी.ई.ओ.) की नियुक्ति की आवश्यकता भी बताई।
योगी आज अयोध्या जाएंगे, चंपत राय रहेंगे दूर
इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन-पूजन करेंगे। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, उनके कार्यक्रम के दौरान श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को सीधे तौर पर व्यवस्थाओं से दूर रखा गया है और किसी अन्य प्रतिनिधि को नामित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उधर, चढ़ावा मामले की जांच कर रही एस.आई.टी.ने चौथे दिन ट्रस्ट सदस्य डॉ. अनिल मिश्र से पूछताछ की। वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने मामले में चंपत राय और गोपाल राव की गिरफ्तारी की मांग करते हुए चढ़ावे में बड़े स्तर पर गड़बड़ी का आरोप लगाया है।