Edited By Niyati Bhandari,Updated: 07 Jul, 2026 10:49 AM

राम मंदिर के चढ़ावे और दान में कथित हेराफेरी के मामले के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सोमवार को हुई अपनी महत्वपूर्ण बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए।
अयोध्या (इंट.): राम मंदिर के चढ़ावे और दान में कथित हेराफेरी के मामले के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सोमवार को हुई अपनी महत्वपूर्ण बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए। ट्रस्ट ने सेवानिवृत्त आई.एफ.एस. अधिकारी कृष्ण मोहन को अंतरिम (कार्यवाहक) महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी है। वर्ष 2020 में ट्रस्ट के गठन के बाद इसे अब तक की सबसे अहम बैठकों में माना जा रहा है।
करीब 3 घंटे तक चली बैठक के बाद ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने मीडिया को बताया कि हालिया घटना से पूरा ट्रस्ट दुखी और शर्मिंदा है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था सर्वोपरि है और ट्रस्ट पूरी पारदर्शिता के साथ मामले की जांच में सहयोग कर रहा है। उन्होंने बताया कि 22 जुलाई को ट्रस्ट की अगली बैठक होगी, तब तक विशेष जांच दल (एस.आई.टी.) की रिपोर्ट भी आने की संभावना है, जिसके आधार पर आगे के निर्णय लिए जाएंगे।
गोविंद देव गिरि ने बताया कि मंदिर की प्रशासनिक एवं वित्तीय व्यवस्था की समीक्षा के लिए एक समिति गठित की गई है। यह समिति प्रबंधन व्यवस्था में आवश्यक सुधारों और पारदर्शिता बढ़ाने के उपाय सुझाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट श्रद्धालुओं के विश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है और उसे बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
बैठक की अध्यक्षता ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने की। बैठक में ट्रस्टी जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ महाराज, युगपुरुष स्वामी परमानंद, कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि, नवनियुक्त कार्यवाहक महासचिव कृष्ण मोहन तथा अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान चढ़ावा प्रकरण पर विस्तार से चर्चा की गई और दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई तथा मंदिर की वित्तीय प्रणाली को और अधिक जवाबदेह बनाने पर जोर दिया गया। सूत्रों के अनुसार बैठक की शुरूआत में ही हालिया घटनाक्रम पर गहरा दुख व्यक्त किया गया।