Edited By Sarita Thapa,Updated: 06 Feb, 2026 02:52 PM

प्रभु श्री राम की अनन्य भक्त माता शबरी के त्याग और उनकी तपस्या को समर्पित शबरी जयंती इस वर्ष 8 फरवरी 2026, रविवार को मनाई जाएगी।
Shabari Jayanti 2026 : प्रभु श्री राम की अनन्य भक्त माता शबरी के त्याग और उनकी तपस्या को समर्पित शबरी जयंती इस वर्ष 8 फरवरी 2026, रविवार को मनाई जाएगी। यह पर्व फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को पड़ता है, जो हमें उस ऐतिहासिक प्रसंग की याद दिलाता है जब भगवान राम ने जाति और सामाजिक बंधनों को तोड़कर एक वनवासी वृद्धा के चखकर दिए हुए जूठे बेरों को अमृत समझकर स्वीकार किया था। शास्त्रों के अनुसार, शबरी का प्रेम इतना निश्छल था कि उन्होंने हर बेर को चखकर इसलिए चुना ताकि उनके प्रभु को कोई खट्टा फल न मिल जाए। आज के आधुनिक दौर में, यह जयंती केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि धैर्य, गुरु-निष्ठा और निस्वार्थ प्रेम का एक जीवंत संदेश है। इस दिन श्रद्धालु व्रत रखकर माता शबरी की तरह अपने हृदय में प्रभु राम को बिठाने का संकल्प लेते हैं और सादगीपूर्ण पूजन से ईश्वरीय कृपा प्राप्त करते हैं। तो आइए जानते हैं शबरी जयंती के शुभ मुहूर्त के पूजा विधि के बारे में-
Shabarai Jayanti 2026 Shubh Muhurat शबरी जयंती 2026 शुभ मुहूर्त
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रत्येक वर्ष फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को शबरी जयंती के उत्सव के रूप में मनाया जाता है। फाल्गुन कृष्ण सप्तमी तिथि का प्रारंभ 8 फरवरी 2026 को मध्य रात्रि के बाद 02 बजकर 54 मिनट पर हो जाएगा और इसका समापन अगले दिन यानी 9 फरवरी को तड़के 05 बजकर 01 मिनट पर होगा। वर्ष 2026 में यह पावन पर्व 8 फरवरी, रविवार को पड़ेगा।

Shabarai Jayanti puja vidhi शबरी जयंती पूजा विधि
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण कर हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें।
चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर भगवान श्री राम और माता शबरी की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें।
उसके बाद प्रतिमाओं पर गंगाजल छिड़कें और उन्हें तिलक लगाएं।
माता शबरी को याद करते हुए भगवान राम को बेर और फल अर्पित करें। यह भक्ति के समर्पण का प्रतीक है।
इस दिन रामायण के शबरी प्रसंग का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।
अंत में श्री राम जी की आरती करें और सभी में प्रसाद वितरित करें।

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