Edited By Niyati Bhandari,Updated: 04 Feb, 2026 10:33 AM

Vijaya Ekadashi 2026 Muhurat and Paran Timing: फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को विजया एकादशी का व्रत रखा जाता है। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है और इसे अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीराम ने...
Vijaya Ekadashi 2026 Muhurat and Paran Timing: फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को विजया एकादशी का व्रत रखा जाता है। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है और इसे अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीराम ने भी रावण पर विजय प्राप्त करने से पूर्व विजया एकादशी का व्रत किया था। मान्यता है कि इस व्रत को श्रद्धा और विधिपूर्वक करने से जीवन में विजय, सुख-समृद्धि और सभी प्रकार के संकटों से मुक्ति मिलती है।
वर्ष 2026 में विजया एकादशी का व्रत 13 फरवरी को रखा जाएगा। आइए जानते हैं इस दिन का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और पारण का सही समय।
विजया एकादशी 2026 तिथि और शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार:
एकादशी तिथि प्रारंभ: 12 फरवरी 2026, दोपहर 12:22 बजे
एकादशी तिथि समाप्त: 13 फरवरी 2026, दोपहर 2:25 बजे
उदयातिथि के अनुसार विजया एकादशी का व्रत 13 फरवरी 2026 (शुक्रवार) को रखा जाएगा।
विजया एकादशी 2026 पारण का समय
पारण तिथि: 14 फरवरी 2026 (शनिवार)
पारण का शुभ समय: सुबह 7:07 बजे से सुबह 9:26 बजे तक
द्वादशी तिथि समाप्त: दोपहर 4:01 बजे
धार्मिक मान्यता के अनुसार, एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि के भीतर ही करना अनिवार्य होता है। द्वादशी समाप्त होने के बाद पारण न करना दोषपूर्ण और पाप के समान माना गया है।

विजया एकादशी 2026 पूजा विधि
प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
पीले या नारंगी रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है।
पूजा स्थान को गंगाजल छिड़ककर शुद्ध करें।
चौकी पर पीला वस्त्र बिछाकर भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।
घी या तेल का दीपक जलाएं और विष्णु जी को चंदन का तिलक लगाएं।
फूल, माला, पंचामृत, तुलसी दल, पीली मिठाई और गुड़-चना अर्पित करें।
भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की भी पूजा करें और उन्हें श्रृंगार सामग्री अर्पित करें।
विजया एकादशी की कथा का पाठ करें और मंत्र जाप करें।
अंत में भगवान विष्णु की आरती करें।

विजया एकादशी के दिन जप करने योग्य मंत्र
ॐ नमोः नारायणाय॥
ॐ नमोः भगवते वासुदेवाय॥
ॐ श्री विष्णवे च विद्महे वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥
मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुडध्वजः।
मङ्गलम् पुण्डरीकाक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥
विजया एकादशी व्रत का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विजया एकादशी का व्रत करने से:
शत्रुओं पर विजय मिलती है।
रुके हुए कार्य पूरे होते हैं।
जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है।
भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
