Edited By Niyati Bhandari,Updated: 24 Jan, 2026 03:25 PM

Marriage Muhurat 2026: साल 2026 विवाह के इच्छुक लोगों के लिए कई शुभ अवसर लेकर आ रहा है। ग्रह-नक्षत्रों की चाल के अनुसार इस वर्ष शादियों के लिए अनेक मंगल मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे, हालांकि खरमास, चातुर्मास और पितृ पक्ष जैसे कुछ समय ऐसे भी होंगे, जब विवाह...
Marriage Muhurat 2026: साल 2026 विवाह के इच्छुक लोगों के लिए कई शुभ अवसर लेकर आ रहा है। ग्रह-नक्षत्रों की चाल के अनुसार इस वर्ष शादियों के लिए अनेक मंगल मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे, हालांकि खरमास, चातुर्मास और पितृ पक्ष जैसे कुछ समय ऐसे भी होंगे, जब विवाह जैसे मांगलिक कार्य वर्जित माने गए हैं। सही तिथि, नक्षत्र और योग में किया गया विवाह दांपत्य जीवन में सुख, स्थिरता और समृद्धि का कारक बनता है।
हिंदू धर्म में विवाह मुहूर्त का महत्व
हिंदू परंपरा में विवाह को केवल सामाजिक नहीं बल्कि आध्यात्मिक संस्कार माना गया है। यह संस्कार ब्रह्मांड की सकारात्मक ऊर्जा और ग्रहों के शुभ प्रभाव से जुड़ा होता है। विशेष रूप से बृहस्पति (गुरु) और शुक्र की स्थिति वैवाहिक जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। जब ये ग्रह अनुकूल स्थिति में होते हैं, तब विवाह में प्रेम, सामंजस्य और स्थायित्व बना रहता है।
खरमास क्या है और 2026 में कब रहेगा?
खरमास वह अवधि होती है जब सूर्यदेव धनु या मीन राशि में गोचर करते हैं। इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्य शास्त्रों में निषिद्ध माने गए हैं।
साल 2026 में खरमास की अवधि
दिसंबर 2025 के मध्य से जनवरी 2026 के मध्य तक
मार्च 2026 के मध्य से अप्रैल 2026 के मध्य तक
इन अवधियों में विवाह की शहनाइयों पर विराम रहता है। खरमास समाप्त होते ही शुभ मुहूर्तों की शुरुआत हो जाती है।

Shadi Shubh Muhurat 2026: महीनेवार शुभ विवाह तिथियां
फरवरी और मार्च: साल की पहली खुशियां
6 फरवरी 2026: तृतीया तिथि, हस्त नक्षत्र, सिद्ध योग
15 फरवरी 2026: एकादशी तिथि, अनुराधा नक्षत्र, शुभ योग
2 मार्च 2026: पंचमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र, सौभाग्य योग
मार्च के बाद खरमास शुरू होने के कारण विवाह के मुहूर्त सीमित हो जाएंगे।
अप्रैल और मई: नई शुरुआत का शुभ समय
20 अप्रैल 2026: तृतीया तिथि, रोहिणी नक्षत्र, शोभना योग
27 अप्रैल 2026: वर्ष के सबसे श्रेष्ठ विवाह मुहूर्तों में से एक
मई 2026 प्रेम विवाह और पारंपरिक विवाह दोनों के लिए अनुकूल रहेगा:
3 मई: हस्त नक्षत्र
10 मई: अनुराधा नक्षत्र
18 मई: रोहिणी नक्षत्र

जून और जुलाई: सीमित लेकिन शुभ अवसर
4 जून 2026: पंचमी तिथि
11 जून 2026: एकादशी तिथि (हस्त व उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र)
2 जुलाई 2026: तृतीया तिथि, रोहिणी नक्षत्र
इसके बाद चातुर्मास शुरू हो जाएगा, जिससे विवाह मुहूर्त बंद हो जाएंगे।
अगस्त से अक्टूबर: विवाह पर विराम
अगस्त से अक्टूबर 2026 तक: चातुर्मास, पितृ पक्ष और श्राद्ध काल
इन कारणों से विवाह जैसे मांगलिक कार्य नहीं किए जाएंगे। यह समय आत्मचिंतन, साधना और धार्मिक गतिविधियों के लिए उपयुक्त माना गया है।
नवंबर और दिसंबर: साल का मंगलमय समापन
19 नवंबर 2026: रोहिणी नक्षत्र
25 नवंबर 2026: उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र
2 दिसंबर 2026: सिद्ध योग
7 दिसंबर 2026: शुभ योग
साल के अंत में विवाह करना कई लोगों के लिए सौभाग्यवर्धक साबित हो सकता है।

साल 2026 में किन राशियों के मजबूत हैं विवाह योग?
सबसे प्रबल विवाह योग
वृषभ राशि: शुक्र और सूर्य की कृपा से स्थिर वैवाहिक जीवन
कर्क राशि: पारिवारिक सहमति और भावनात्मक संतोष
कन्या राशि: समझदारी और संतुलन से सफल विवाह
तुला राशि: विवाह प्रस्ताव और सगाई के प्रबल योग
मकर राशि: लंबे रिश्ते विवाह में बदलने के संकेत
मध्यम लेकिन सकारात्मक योग
सिंह राशि, मीन राशि
विशेष सावधानी की जरूरत
मेष, वृश्चिक और कुंभ राशि
इन राशियों के जातकों को विवाह तिथि तय करते समय कुंडली मिलान और पंचांग पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
साल 2026 विवाह के लिए कई शुभ अवसर प्रदान कर रहा है। जनवरी-फरवरी, अप्रैल के अंत से जून तक और नवंबर-दिसंबर का समय सबसे अधिक अनुकूल रहेगा। सही मुहूर्त का चयन वैवाहिक जीवन को सुखद और समृद्ध बना सकता है। बेहतर परिणामों के लिए व्यक्तिगत कुंडली और स्थानीय पंचांग का मिलान अवश्य करें।
