Shani Ast 2026: शनि के अस्त और वक्री होने से हिलेंगे करियर, अर्थव्यवस्था और रियल एस्टेट सेक्टर, ज्योतिषीय संकेत गंभीर

Edited By Updated: 07 Feb, 2026 08:03 AM

shani ast 2026

Shani Ast 2026: साल 2026 ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। इस वर्ष कर्मफल दाता शनि ग्रह लंबे समय तक अस्त और वक्री अवस्था में रहेंगे। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, शनि की कमजोर स्थिति केवल व्यक्तिगत जीवन तक सीमित नहीं...

Shani Ast 2026: साल 2026 ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। इस वर्ष कर्मफल दाता शनि ग्रह लंबे समय तक अस्त और वक्री अवस्था में रहेंगे। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, शनि की कमजोर स्थिति केवल व्यक्तिगत जीवन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसका असर करियर, आर्थिक व्यवस्था, स्वास्थ्य, रियल एस्टेट और वैश्विक घटनाओं तक देखने को मिल सकता है।

शनि को न्याय, अनुशासन, श्रम और दीर्घकालिक परिणामों का कारक ग्रह माना जाता है। ऐसे में उनके अस्त और वक्री होने से कई सेक्टरों में रुकावट, देरी और अस्थिरता के योग बन रहे हैं।

Shani Ast

शनि के अस्त और वक्री होने की अवधि
पंचांग के अनुसार शनि अस्त अवधि 13 मार्च से 22 अप्रैल 2026 (लगभग 40 दिन, मीन राशि में)

शनि वक्री अवधि:
27 जुलाई से 11 दिसंबर 2026 (करीब 138 दिन)

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, यह पूरा समय सावधानी और धैर्य से काम लेने का संकेत देता है।

PunjabKesari Shani Ast

करियर और प्रोफेशन पर गहरा असर
शनि के अस्त और वक्री होने से करियर सेक्टर सबसे अधिक प्रभावित हो सकता है। प्रमोशन और इन्क्रीमेंट में देरी, नई जिम्मेदारियों में रुकावट, महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स का अटकना विशेष रूप से लोहा, मशीनरी, तेल, मैन्युफैक्चरिंग, कंस्ट्रक्शन और सरकारी सेक्टर से जुड़े लोगों को अधिक संघर्ष करना पड़ सकता है। काम में बाधाएं बढ़ने से आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव भी देखने को मिल सकता है।

आर्थिक सेक्टर के लिए चुनौतीपूर्ण संकेत
शनि की कमजोर स्थिति का सीधा असर अर्थव्यवस्था और निवेश पर पड़ सकता है।

शेयर बाजार में तेज उतार-चढ़ाव
निवेशकों के लिए अनिश्चित माहौल और बड़े निवेश फंसने की आशंका। ज्योतिषाचार्य प्रॉपर्टी और लॉन्ग टर्म निवेश में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं क्योंकि शनि को भूमि और संपत्ति का कारक भी माना जाता है।

स्वास्थ्य पर पड़ेगा नकारात्मक प्रभाव
शनि को आयु और स्वास्थ्य से जुड़ा ग्रह माना जाता है। उनके अस्त और वक्री होने से हड्डियों, जोड़ों और नसों से जुड़ी समस्याएं।
पुरानी बीमारियों का दोबारा उभरना। थकान, कमजोरी और दर्द की शिकायत। मानसिक रूप से भी व्यक्ति बेचैनी, भय और भ्रम की स्थिति में रह सकता है।

Shani Ast

रियल एस्टेट और निर्माण सेक्टर पर संकट
निर्माण और रियल एस्टेट सेक्टर भी शनि की इस चाल से अछूता नहीं रहेगा। मजदूरों की कमी, तकनीकी और कानूनी अड़चनें और 
प्रोजेक्ट्स में देरी। इसके चलते निवेशकों का पैसा लंबे समय तक फंसा रह सकता है और आर्थिक नुकसान की संभावना बढ़ सकती है। 

प्राकृतिक आपदाओं और नई बीमारियों के योग
ज्योतिषीय संकेतों के अनुसार, शनि की कमजोर स्थिति का असर प्रकृति और वैश्विक घटनाओं पर भी पड़ सकता है।

मौसम में असंतुलन
बाढ़, भूकंप, आगजनी जैसी आपदाएं, नई बीमारियों के फैलने की आशंका। कुछ ज्योतिषाचार्य इसे भविष्य में महामारी जैसी स्थिति का संकेत भी मान रहे हैं।

ज्योतिषीय सलाह
इस पूरे काल में धैर्य और अनुशासन बनाए रखें। बड़े निर्णय सोच-समझ कर लें। शनि से संबंधित उपाय, सेवा और दान को प्राथमिकता दें।

PunjabKesari Shani Ast

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!