Edited By Niyati Bhandari,Updated: 10 Oct, 2026 12:22 PM
Shardiya Navratri 2026: शारदीय नवरात्र 2026 का आगाज 11 अक्टूबर से हो रहा है। इस साल मां दुर्गा हाथी (गज) पर सवार होकर आएंगी और मुर्गे पर प्रस्थान करेंगी। जानिए देवीपुराण के श्लोक के अनुसार इसके शुभ-अशुभ संकेत।
Shardiya Navratri 2026: शारदीय नवरात्र का इंतजार अब खत्म होने वाला है। मां दुर्गा की भक्ति और आराधना का यह पावन पर्व इस साल 11 अक्टूबर 2026, रविवार से शुरू होगा। नवरात्र के नौ दिनों में भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना करेंगे, व्रत रखेंगे और देवी से सुख-शांति व समृद्धि की कामना करेंगे लेकिन नवरात्र की तारीखों और पूजा के अलावा देवी के आगमन और प्रस्थान के वाहन का भी विशेष महत्व है।
हर साल किस वाहन पर आती हैं माता दुर्गा ?
देवीपुराण में मां दुर्गा के आगमन के वाहन को लेकर एक श्लोक लिखा है जिससे हर साल मां दुर्गा के आगमन के दिन के हिसाब से उनकी सवारी तय होती है। यह श्लोक है-
"शशि सूर्य गजरुढा शनिभौमै तुरंगमे। गुरौशुक्रेच दोलायां बुधे नौकाप्रकीर्तिता॥
इस श्लोक का अर्थ है नवरात्र में माता के आगमन का वाहन वार के आधार पर निर्धारित होता है। जिसमें सोमवार और रविवार को मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आती हैं। मंगलवार और शनिवार को उनका वाहन घोड़ा माना जाता है। बुधवार को माता नाव पर सवार होकर आती हैं, वहीं गुरुवार और शुक्रवार को माता का आगमन पालकी पर होता है। इस साल शारदीय नवरात्र का आरंभ 11 अक्टूबर, रविवार को हो रहा है, इसी वजह से माता इस साल हाथी पर सवार होकर आएंगी।

हर साल मां दुर्गा की सवारी से कैसे मिलते हैं भविष्य के संकेत?
देवी पुराण के इस श्लोक के अगले हिस्से में लिखा है-
गजेश जलदा देवी क्षत्रभंग तुरंगमे। नौकायां कार्यसिद्धिस्यात् दोलायों मरणधु्रवम्॥"
इसका अर्थ है गजेश जलदा देवी- जब मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आती हैं, तो इसे उस साल के लिए अच्छी वर्षा और सुख-समृद्धि के संकेत मिलते हैं। इसी वजह से इस साल शारदीय नवरात्र में माता के आगमन को शुभ संकेत माना जा रहा है।
क्षत्रभंग तुरंगमे- का अर्थ है जब माता दुर्गा तुरंग यानी घोड़े पर आती हैं, तो क्षत्रभंग होता है यानी कि राज्य का हरण होता है। नौकायां कार्यसिद्धिस्यात् का मतलब है जब माता नौका पर आती हैं, तब कार्यों की सिद्धि होती है। दोलायों मरणधु्रवम् यानी पालकी पर माता का आगमन मृत्यु का संकेत देता है।
हर साल माता दुर्गा की सवारी अलग होती है और उसके भविष्य के लिए कुछ संकेत भी होते हैं, जिसका असर देश दुनिया पर दिखाई देता है। इन वाहनों से जुड़े फल-
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवी के अलग-अलग वाहनों के अलग-अलग शुभ-अशुभ संकेतों से जोड़कर देखा जाता है। इस साल मां दुर्गा का आगमन हाथी से हो रहा है। ऐसे में वर्षा और सुख-समृद्धि में वृद्धि देखने को मिल सकती है। वहीं, घोड़े को संघर्ष और अस्थिरता का संकेत, नाव को कार्य सिद्धि का संकेत, डोली को प्रतिकूलता संकेत माना जाता है।

इस साल किस वाहन से प्रस्थान करेंगी मां दुर्गा
इस साल दशमी तिथि 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को पड़ रही है। ऐसे में मां दुर्गा का प्रस्थान चरणायुध या मुर्गा पर माना जा रहा है। इसे विकलता या अस्थिरता से जोड़कर देखा जाता हैं।
प्रस्थान के वाहनों से जुड़े फल
प्रचलित श्लोक के अनुसार, अगर मां भैंसे से प्रस्थान करती हैं, तो इसे रोग और शोक से जोड़कर देखा गया है। मुर्गा को विकलता या अस्थिरता का संकेत माना गया है। वहीं हाथी को शुभ वर्षा का संकेत माना गया है। मनुष्य को सुख-समृद्धि और सौख्य से जोड़कर देखा गया है।
यूपी रत्न विभूषित, ज्योतिषाचार्य
महंत पं. सुधांशु तिवारी
मुख्य प्रवक्ता व टीवी पैनलिस्ट
संपर्क सूत्र - 9005804317, 7054594317
