Edited By Niyati Bhandari,Updated: 12 Aug, 2023 09:27 AM

जालंधर (अरोड़ा): महाराष्ट्र सरकार द्वारा श्री हजूर साहिब नांदेड़ का प्रशासक किसी गैर सिख को लगाने के विरुद्ध सिख संगत के रोष और अकाली दल द्वारा इस मामले की पैरवी तथा सरकार के
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जालंधर (अरोड़ा): महाराष्ट्र सरकार द्वारा श्री हजूर साहिब नांदेड़ का प्रशासक किसी गैर सिख को लगाने के विरुद्ध सिख संगत के रोष और अकाली दल द्वारा इस मामले की पैरवी तथा सरकार के साथ तालमेल के कारण अपने में फैसले में बदलाव करते हुए सरकार ने एक पूर्व आई.ए.एस. अधिकारी डॉ. विजय सतबीर सिंह को प्रशासक नियुक्त किया है जिसकी हम सराहना करते हैं। ये विचार दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष और शिरोमणि अकाली दल दिल्ली के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने पत्रकारों से बातचीत में व्यक्त किए।
सरना ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि देश-विदेश के सिख समुदाय ने महाराष्ट्र सरकार के उक्त फैसले का विरोध किया था और शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल और पार्टी की दिल्ली इकाई ने इस पूरे मामले की पैरवी की थी।
उन्होंने कहा कि अकाली दल ने महाराष्ट्र सरकार के साथ तालमेल करते हुए जो भूमिका निभाई है, उसका इस मामले में बड़ा योगदान है। हमें उम्मीद है कि सेवानिवृत्त आई.ए.एस. डॉ. विजय सतबीर सिंह प्रशासक के रूप में अपनी जिम्मेदारी को निष्ठा और पूरे सिख सिद्धांतों के साथ निभाएंगे।
सरना ने बीते दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकसभा में अपने संबोधन दौरान 1984 में कांग्रेस सरकार की तरफ से श्री दरबार साहिब अमृतसर पर किए गए हमले पर अफसोस व्यक्त करने को अहम बताया। सरना ने मांग की कि इस मामले को लेकर लोकसभा में एक प्रस्ताव पेश किया जाए और निंदा प्रस्ताव पारित किया जाए।