Edited By Sarita Thapa,Updated: 04 Jun, 2026 11:12 AM

हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि को बहुत खास और धार्मिक दृष्टि से बहुत शुभ माना जाता है। लेकिन जून में आने वाली अमावस्या का बहुत विशेष महत्व है। सोमवार के दिन पड़ने के कारण इसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है।
Somvati Amavasya 2026 : हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि को बहुत खास और धार्मिक दृष्टि से बहुत शुभ माना जाता है। लेकिन जून में आने वाली अमावस्या का बहुत विशेष महत्व है। सोमवार के दिन पड़ने के कारण इसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है। इस दिन किसी पवित्र नदी में स्नान करने, पितरों के तर्पण, दान और पूजा-पाठ करने की परंपरा है। माना जाता है कि इस दिन पूरे विधि-विधान और सच्चे मन से शिव जी और माता पार्वती की पूजा करने से जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है और मन की हर मनोकामना पूरी होती है। तो आइए जानते हैं सोमवती अमावस्या की तिथि और स्नान दान का शुभ मुहूर्त के बारे में-
कब है सोमवती अमावस्या?
पंचांग के अनुसार, अमावस्या तिथि की शुरुआत 14 जून 2026 को दोपहर 12 बजकर 19 मिनट से होगी और इसका समापन 15 जून 2026 को सुबह 8 बजकर 23 मिनट पर होगा। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, सोमवती अमावस्या 15 जून, सोमवार को मनाई जाएगी।

स्नान-दान का शुभ मुहूर्त
अमावस्या तिथि प्रारंभ: 14 जून 2026, दोपहर 12:20 बजे
अमावस्या तिथि समाप्त: 15 जून 2026, सुबह 8:24 बजे
स्नान-दान का श्रेष्ठ समय: ब्रह्म मुहूर्त, सुबह 4:04 से 4:44 बजे तक
सोमवती अमावस्या तिथि का महत्व
सोमवती अमावस्या के दिन किसी पवित्र नदी में स्नान करने और पूर्वजों के नाम का तर्पण और दान करने से कुंडली से पितृ दोष शांत होता है। साथ ही विवाहित महिलाएं इस दिन अपने पति की लंबी आयु और सुखी दांपत्य जीवन के लिए व्रत रखती हैं। इस दिन पीपल के वृक्ष की पूजा की जाती है और उसकी 108 बार परिक्रमा करने का विधान है। इस विशेष दिन पर भूखे लोगों को भोजन कराना, तिल, वस्त्र, अन्न या जल का दान करना अक्षय पुण्य प्रदान करता है।

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