Edited By Sarita Thapa,Updated: 15 Jun, 2026 03:28 PM

उज्जैन में आज सोमवती अमावस्या और अधिकमास के समापन का दुर्लभ महासंयोग देखने को मिला। इस विशेष अवसर पर शिप्रा नदी के घाटों और मंदिरों में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। रामघाट, दत्त अखाड़ा घाट और सोमकुंड पर सुबह से ही स्नान, पूजन और तर्पण का...
Somvati Amavasya Ujjain 2026 : उज्जैन में आज सोमवती अमावस्या और अधिकमास के समापन का दुर्लभ महासंयोग देखने को मिला। इस विशेष अवसर पर शिप्रा नदी के घाटों और मंदिरों में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। रामघाट, दत्त अखाड़ा घाट और सोमकुंड पर सुबह से ही स्नान, पूजन और तर्पण का सिलसिला जारी रहा। अधिकमास के अंतिम दिन सोमवार को सोमवती अमावस्या के महासंयोग ने उज्जैन को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। तड़के से ही शिप्रा नदी के रामघाट, दत्त अखाड़ा घाट और सोमकुंड पर हजारों श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंचने लगे। घाटों पर आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि नजारा किसी कुंभ मेले से कम नहीं दिखाई दिया।
श्रद्धालुओं ने पवित्र शिप्रा में स्नान कर पूजा-अर्चना की और पितरों की शांति के लिए तर्पण व श्राद्ध कर्म संपन्न किए। धार्मिक मान्यता है कि सोमवती अमावस्या पर किए गए दान, तर्पण और पुण्य कार्यों का विशेष फल प्राप्त होता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार सोमवती अमावस्या पर अमृत सिद्धि योग का भी दुर्लभ संयोग बना है। सोमवार, अमावस्या, मृगशिरा नक्षत्र और पुरुषोत्तम मास के समापन के एक साथ होने से इस दिन का महत्व कई गुना बढ़ गया है।
वहीं अधिकमास के अंतिम दिन होने के कारण महाकाल मंदिर सहित शहर के प्रमुख मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। सुबह से ही दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं और भक्तों ने सुख, समृद्धि तथा परिवार की खुशहाली की कामना की। धार्मिक दृष्टि के साथ-साथ आज का दिन ज्योतिषीय रूप से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि दोपहर 12 बजकर 32 मिनट पर सूर्य वृषभ राशि से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे।
(विशाल ठाकुर)
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