Kundli Tv- तुलसी विवाह विशेष : तुलसी पूजन की विशेष विधि जानने के लिए यहां click करें

Edited By Updated: 20 Nov, 2018 09:41 AM

tulsi wedding special

मंगलवार दिनांक 20.11.18 को तुलसी विवाह पर्व मनाया जाएगा। देवउठनी एकादशी के बाद श्रीहरि सबसे पहली प्रार्थना तुलसी की ही सुनते हैं।

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मंगलवार दिनांक 20.11.18 को तुलसी विवाह पर्व मनाया जाएगा। देवउठनी एकादशी के बाद श्रीहरि सबसे पहली प्रार्थना तुलसी की ही सुनते हैं। अतः तुलसी विवाह को प्रबोधिनी के पवित्र मुहूर्त के स्वागत का आयोजन माना जाता है। तुलसी विवाह के अनेक मत हैं परंतु कार्तिक शुक्ल नवमी से कार्तिक पूर्णिमा तक तुलसी पूजन करके तुलसी विवाह किया जाता है। पौराणिक मतानुसार कालांतर में दैत्य जलंधर ने चारों तरफ बड़ा उत्पात मचाया था। जलंधर की वीरता का रहस्य था कि उसकी पत्नी वृंदा का पतिव्रता धर्म। जलंधर के उपद्रवों से त्रस्त देवों ने श्रीहरि से सहायता मांगी। हरि ने वृंदा का पतिव्रता धर्म भंग करने के लिए जलंधर का रूप लेकर वृंदा का सतीत्व नष्ट किया, जिससे जलंधर मारा गया। क्रोधित वृंदा ने हरि को श्राप दिया, जिससे विष्णु को राम के रूप में जन्म लेना पड़ा। श्रीहरि तुलसी को सदैव अपने साथ रखते हैं। बिना तुलसी के शालिग्राम व विष्णु पूजन नहीं होता है। शालिग्राम व तुलसी का विवाह लक्ष्मी-नारायण के विवाह का प्रतीक मानते हैं। इस दिन तुलसी-विष्णु के विशेष पूजन से सभी दांपत्य दोष दूर होते हैं, व्यक्ति को कन्यादान के समान फल मिलता है, शारीरिक पीड़ा दूर होती है व मांगलिक दोष समाप्त होता है।
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स्पेशल पूजन विधि: घर की पूर्व दिशा में लाल कपड़े पर पीतल का कलश स्थापित करें, कलश में जल, रोली, सिक्के डालें, कलश के मुख पर अशोक के पत्तों पर नारियल रखकर विष्णु कलश स्थापित करें। साथ में शालिग्राम जी का श्रीविग्रह व तुलसी का पौधा साथ रखकर विधिवत पूजन करें। गाय के घी का दीप करें, गुलाब की अगरबत्ती जलाएं, रक्त चंदन चढ़ाएं, लाल फूल चढ़ाएं, गेहूं व गुड़ के दलिए का भोग लगाएं। तुलसी पर लाल चुनरी, सिंदूर, सुहाग सामाग्री, 16 शृंगार चढ़ाएं। शालिग्राम-तुलसी का गठबंधन कराकर घट विवाह सूत्र पढ़ें तथा चंदन की माला से 1-1 इन विशेष मंत्रों का जाप करें। पूजन के बाद महाभोग लगाकर आरती करें और प्रदीक्षणा लगाएं तथा सारी सुहाग सामाग्री किसी ब्राह्मण दंपति को दान करें। 
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विष्णु पूजन मंत्र: ॐ महाविष्णवे नमः॥

तुलसी पूजन मंत्र: ॐ श्री तुलस्यै देव्यै नमः॥

शालिग्राम पूजन मंत्र: ॐ नमो शालग्राम हरिरूपाय नमोऽस्तु ते॥

प्रातः कालीन पूजन मुहूर्त: सुबह 06:51 से सुबह 08:52 तक। 
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मध्यान कालीन पूजन मुहूर्त: सुबह 10:56 से दिन 12:39 तक। 

शाम का पूजन मुहूर्त: शाम 17:06 से शाम 18:34 तक।

स्पेशल टोटके: 
शारीरिक पीड़ा दूर करने के लिए:
तुलसी पर चढ़ी साबूदाने की खीर किसी कन्या को खिलाएं।

संतानहीनता से मुक्ति के लिए: शालिग्राम जी पर चढ़े कमलगट्टे किसी तालाब में फैंक दें।

दांपत्य कलह से मुक्ति पाने के लिए: श्रीहरि पर चढ़े तुलसी पत्र बेडरूम में छुपाकर रखें।
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मांगलिक दोष के निवारण के लिए: विधिवत तुलसी-शालिग्राम घट बंधन करवाएं।

गुडलक के लिए: तुलसी-शालिग्राम पर चढ़े लाल चंदन से तिलक करें। 

विवाद टालने के लिए: तुलसी-शालिग्राम पर चढ़े 2 केले 2 भिखारियों को दान करें।

नुकसान से बचने के लिए: तुलसी-शालिग्राम पर चढ़े 12 गेहूं के दाने जलप्रवाह करें।

प्रोफेशनल सक्सेस के लिए: भगवान विष्णु पर चढ़ा तुलसी पत्र पर्स में रखें।

एजुकेशन में सक्सेस के लिए: तुलसीपत्र पर सिंदूर लगाकर नोटबुक के बीच में रखें।
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पारिवारिक खुशहाली के लिए: दंपति तुलसी-शालिग्राम पर चढ़े चमेली का इत्र प्रयोग करें। 

लव लाइफ में सक्सेस के लिए: तुलसी-शालिग्राम पर 5 लाल फूल चढ़ाकर जलप्रवाह करें।

आचार्य कमल नंदलाल
ईमेल: kamal.nandlal@gmail.com
तुलसी विवाह विशेष : तुलसी पूजन की सही विधि जानने के लिए यहां click करें (VIDEO)

 

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