Edited By Sarita Thapa,Updated: 02 Apr, 2026 08:43 AM

श्री महाकालेश्वर मंदिर में परंपरानुसार वैशाख एवं ज्येष्ठ माह के दौरान भगवान महाकालेश्वर का विशेष जलाभिषेक 3 अप्रैल से शुरू होकर 29 जून तक किया जाएगा। मंदिर प्रशासन के अनुसार, इस अवधि में भगवान महाकालेश्वर पर ‘गलंतिका’ के माध्यम से सतत जलधारा अर्पित...
Ujjain Mahakal mandir news : श्री महाकालेश्वर मंदिर में परंपरानुसार वैशाख एवं ज्येष्ठ माह के दौरान भगवान महाकालेश्वर का विशेष जलाभिषेक 3 अप्रैल से शुरू होकर 29 जून तक किया जाएगा। मंदिर प्रशासन के अनुसार, इस अवधि में भगवान महाकालेश्वर पर ‘गलंतिका’ के माध्यम से सतत जलधारा अर्पित की जाएगी। इसके तहत 11 मिट्टी के कलशों में गंगा, यमुना, नर्मदा, सरस्वती, गोदावरी, कावेरी, सरयू, सिंधु, क्षिप्रा और गंडकी जैसी पवित्र नदियों का स्मरण कर जल स्थापित किया जाएगा। यह जलधारा प्रतिदिन प्रातः भस्म आरती के पश्चात शुरू होकर सायंकालीन पूजन तक निरंतर चलती रहेगी।
मंदिर के शासकीय पुजारी घनश्याम शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष ज्येष्ठ मास में पुरुषोत्तम मास (अधिकमास) होने के कारण एक माह अतिरिक्त जलाभिषेक किया जाएगा, जिससे यह विशेष अनुष्ठान और अधिक समय तक चलेगा। गौरतलब है कि वैशाख और ज्येष्ठ माह में पड़ने वाली भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए भगवान को शीतलता प्रदान करने के उद्देश्य से यह परंपरा निभाई जाती है। इस दौरान प्रतिदिन सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक भगवान महाकालेश्वर पर सतत जलधारा अर्पित की जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
(विशाल ठाकुर)
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