Edited By Niyati Bhandari,Updated: 12 Aug, 2026 10:10 AM

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को उस विधेयक को मंजूरी दे दी, जिसमें राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के गायन में जानबूझकर बाधा डालने या उसके अपमान को अपराध बनाया गया है। इस कानून के तहत वंदे मातरम् को वही कानूनी संरक्षण मिलेगा, जो वर्तमान में राष्ट्रगान...
नई दिल्ली (एजैंसी): राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को उस विधेयक को मंजूरी दे दी, जिसमें राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के गायन में जानबूझकर बाधा डालने या उसके अपमान को अपराध बनाया गया है। इस कानून के तहत वंदे मातरम् को वही कानूनी संरक्षण मिलेगा, जो वर्तमान में राष्ट्रगान को प्राप्त है। सरकार की ओर से जारी एक बयान में यह जानकारी दी गई।
राष्ट्रपति की मंजूरी के साथ राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 कानून बन गया है। लोकसभा में 30 जुलाई को यह विधेयक पारित हुआ था, जबकि राज्यसभा ने इसे एक दिन पहले ही मंजूरी दे दी थी। इस कानून के तहत राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समान दर्जा प्राप्त है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस समारोह में पहली बार लालकिले की प्राचीर से वंदे मातरम् गाया जाएगा। इससे पहले, राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम के तहत राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के गायन को जानबूझकर रोकना या ऐसे गायन में शामिल किसी सभा में व्यवधान डालना प्रतिबंधित था। इन अपराधों के लिए तीन साल तक की सजा, जुर्माना या दोनों का प्रावधान था।