Vindhyachal Navratri Mela : नवरात्र में विंध्याचल में उमड़ा आस्था का सागर, 20 घंटे होंगे मां विंध्यवासिनी के दर्शन

Edited By Updated: 20 Mar, 2026 08:58 AM

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Vindhyachal Navratri Mela : वासंतिक नवरात्र के पहले दिन विंध्याचल धाम में आस्था का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए उमड़ पड़े। भक्त रात से ही मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन के लिए कतारों में खड़े नजर आए। न्यू...

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Vindhyachal Navratri Mela : वासंतिक नवरात्र के पहले दिन विंध्याचल धाम में आस्था का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए उमड़ पड़े। भक्त रात से ही मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन के लिए कतारों में खड़े नजर आए। न्यू वीआईपी गेट से लेकर मंदिर तक करीब 200 मीटर लंबी लाइन लगी रही, जिसमें लोग अपने छोटे बच्चों के साथ धैर्यपूर्वक अपनी बारी का इंतजार करते रहे। भारी भीड़ के चलते कई श्रद्धालु सिर्फ झांकी के माध्यम से मां के दर्शन कर आगे बढ़ते दिखे। वहीं पुराने वीआईपी गेट से विशेष अतिथियों के दर्शन का क्रम भी जारी रहा। भीड़ को नियंत्रित रखने और किसी असुविधा से बचाने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

नव्य और भव्य विंध्य धाम में 27 मार्च तक चलने वाला वासंतिक नवरात्र मेला बुधवार रात से शुरू हो चुका है। इस दौरान श्रद्धालुओं को लगभग 20 घंटे तक दर्शन-पूजन का अवसर मिलेगा। मेला शुरू होते ही सुबह से ही भक्तों का आगमन लगातार बढ़ता जा रहा है। मां विंध्यवासिनी, अष्टभुजा और काली खोह मंदिर समेत पूरे मेला क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।

प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को 10 जोन और 21 सेक्टर में विभाजित कर अधिकारियों की तैनाती की है। सुरक्षा के लिए तीन एएसपी, 20 सीओ, 50 निरीक्षक, 250 उपनिरीक्षक और दो कंपनी पीएसी सहित लगभग तीन हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वायड, 190 एआई सीसीटीवी कैमरे और 8 ड्रोन कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 10 स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है और 21 जगहों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। साथ ही पार्किंग में अवैध वसूली रोकने के लिए रेट लिस्ट लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने 17 मार्च को स्वयं विंध्याचल पहुंचकर तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण कर जरूरी दिशा-निर्देश दिए थे।

आरती का समय इस प्रकार है:
भोर 3:00 से 4:00 बजे: मंगला आरती
दोपहर 12:00 से 1:00 बजे: मध्याह्न आरती
शाम 7:15 से 8:15 बजे: संध्या आरती
रात 9:30 से 10:30 बजे: बड़ी आरती

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