Edited By Manisha,Updated: 13 Jun, 2026 03:40 PM

भारतीय सिनेमा की सबसे प्रतिष्ठित फिल्मों में शुमार लगान के 25 साल पूरे होने के अवसर पर अभिनेता और निर्माता आमिर खान ने एक खास रीयूनियन पार्टी और स्क्रीनिंग का आयोजन किया।
नई दिल्ली/टीम डिजिटल। भारतीय सिनेमा की सबसे प्रतिष्ठित फिल्मों में शुमार लगान के 25 साल पूरे होने के अवसर पर अभिनेता और निर्माता आमिर खान ने एक खास रीयूनियन पार्टी और स्क्रीनिंग का आयोजन किया। इस खास मौके पर फिल्म के निर्देशक आशुतोष गोवारिकर समेत फिल्म की कास्ट और क्रू के कई सदस्य शामिल हुए। यह यादगार शाम पुरानी यादों, दिलचस्प किस्सों और भावुक पलों से भरी रही, जहां सभी ने फिल्म के ऐतिहासिक सफर को एक बार फिर याद किया।
स्टार कास्ट ने बनाया रीयूनियन को खास
इस स्पेशल गेट-टुगेदर में फिल्म से जुड़े कई कलाकारों ने शिरकत की। इनमें पॉल ब्लैकथॉर्न, राजेंद्रनाथ जुत्शी, आदित्य लाखिया, यशपाल शर्मा, अखिलेंद्र मिश्रा और दयाशंकर पांडे जैसे कलाकार मौजूद रहे। फिल्म के मेकर्स ने इस रीयूनियन का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा, “25 साल बाद ‘लगान’ की कास्ट के साथ दोबारा मिले आमिर खान और आशुतोष गोवारिकर।” वीडियो को फैंस का भरपूर प्यार मिल रहा है।
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रिलीज के बाद बनी थी सांस्कृतिक पहचान
आशुतोष गोवारिकर के निर्देशन और आमिर खान के प्रोडक्शन में बनी ‘लगान’ पहली बार 15 जून 2001 को रिलीज हुई थी। रिलीज के बाद यह फिल्म सिर्फ एक सफल फिल्म नहीं रही, बल्कि भारतीय सिनेमा की सांस्कृतिक पहचान बन गई। अपने दमदार कथानक, शानदार अभिनय और भावनात्मक प्रस्तुति के चलते फिल्म ने देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दर्शकों का दिल जीता। सिल्वर जुबली वर्ष के इस मौके पर आयोजित स्क्रीनिंग ने उस सिनेमाई विरासत को सम्मान दिया, जो आज भी नई पीढ़ियों को प्रेरित कर रही है।
ऑस्कर तक पहुंची थी ‘लगान’ की गूंज
साल 1893 के ब्रिटिश औपनिवेशिक भारत की पृष्ठभूमि पर आधारित ‘लगान’ एक ऐसे गांव की कहानी है, जो सूखे और भारी कर (लगान) से परेशान होकर ब्रिटिश शासकों को क्रिकेट मैच की चुनौती देता है। खेल, देशभक्ति, रोमांस और सामाजिक संदेश का अनूठा संगम पेश करने वाली इस फिल्म को 74वें अकादमी पुरस्कार (ऑस्कर) में बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज फिल्म श्रेणी के लिए नामांकन मिला था। फिल्म में ग्रेसी सिंह, रेचल शेली, रघुवीर यादव, अमीन हाजी सहित कई कलाकारों ने अहम भूमिकाएं निभाईं। वहीं, ए. आर. रहमान के संगीत ने ‘घनन घनन’, ‘मितवा’, ‘राधा कैसे ना जले’ और ‘ओ रे छोरी’ जैसे सदाबहार गीतों के जरिए फिल्म को अमर बना दिया।