Edited By Manisha,Updated: 13 Apr, 2026 02:58 PM
इस सीरीज के बारे में साकिब सलीम, सिद्धार्थ निगम, कविता कौशिक और अंजुम शर्मा ने पंजाब केसरी, नवोदय टाइम्स, जगबाणी और हिंद समाचार से खास बातचीत की। पेश हैं मुख्य अंश...
नई दिल्ली/टीम डिजिटल। एक्शन-क्राइम ड्रामा वेब सीरीज 'कप्तान' ओटीटी प्लेटफॉर्म एम एक्स प्लेयर पर 3 अप्रैल से रिलीज हो चुकी है। यह सीरीज ज्वालाबाद शहर में एसएसपी समरदीप सिंह की कहानी पर आधारित है। इस सीरीज में साकिब सलीम, अंजुम शर्मा, सिद्धार्थ निगम, कविता कौशिक, वरुण बडोला, विक्रम कोचर, आरिफ जकारिया, पूजा गौर, अनुष्का कौशिक मुख्य किरदार में नज़र आ रहे हैं। इस सीरीज के बारे में साकिब सलीम, सिद्धार्थ निगम, कविता कौशिक और अंजुम शर्मा ने पंजाब केसरी, नवोदय टाइम्स, जगबाणी और हिंद समाचार से खास बातचीत की। पेश हैं मुख्य अंश...
कविता कौशिक
सवाल: ‘FIR’ वाली कप्तान और इस ‘कप्तान’ में क्या फर्क है?
जवाब: अगर मैं सीधी भाषा में कहूं तो दोनों किरदारों में जमीन-आसमान का फर्क है। पहले जो किरदार मैंने निभाया था वो काफी हल्का-फुल्का कॉमिक और दर्शकों को हंसाने वाला था। उसमें एक चमक थी एक सकारात्मकता थी। लेकिन “कप्तान” में जो मेरा किरदार है वो बिल्कुल उलट है काफी डार्क,इनटेंस और लेयर्ड। अगर तुलना करनी हो तो मैं कहूंगी कि वो किरदार सूरज की तरह था जबकि ये किरदार अमावस्या की काली रात जैसा है जो अपने साथ एक अलग तरह का अंधेरा और रहस्य लेकर आता है। ये बदलाव मेरे लिए एक actor के तौर पर बहुत एक्साइटिंग भी था और चैलेंजिंग भी।
सवाल: पंजाबी इंडस्ट्री में आपका अनुभव कैसा रहा और क्या बदलाव जरूरी लगते हैं?
जवाब: सच कहूं तो मैं वहां कुछ बदलने वाली कोई नहीं हूं। वहां पहले से ही इतने टैलेंटेड और अनुभवी
लोग मौजूद हैं कि मुझे लगता है मैं वहां सिर्फ एक छोटा सा हिस्सा हूं। मेरे लिए सबसे बड़ी चैलेंज भाषा रही क्योंकि पंजाबी मेरी पहली भाषा नहीं है। मुझे उसे सीखकर बोलना पड़ता है, जिससे कभी-कभी इम्प्रोवाइजेशन में दिक्कत आती है। लेकिन इसके बावजूद वहां का काम, खासकर स्टोरी, एक्टिंग, कॉमेडी और म्यूजिक सब बहुत शानदार है। वहां के कलाकार बेहद मेहनती और क्रिएटिव हैं और इंडस्ट्री लगातार आगे बढ़ रही है।
साकिब सलीम
सवाल: आपकी नजर में “कप्तान” का किरदार आपके करियर में कहां खड़ा होता है?
जवाब: मेरे लिए हर नया काम सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। मैं ये मानता हूं कि जो काम आप अभी कर रहे हैं, वही आपके करियर का सबसे अहम हिस्सा होता है। मैं अपने पास्ट में किए गए काम को लेकर ज्यादा नहीं सोचता क्योंकि अगर आप उसमें फंस जाते हैं तो वो आपको आगे बढ़ने से रोक सकता है। “कप्तान” का ये किरदार मेरे लिए बेहद खास है क्योंकि इसमें कई लेयर्स हैं ये सीधा-सादा नहीं है बल्कि इसमें कई रंग हैं। मैं खुद को एक एक्टर के तौर पर सीमित नहीं करना चाहता। इसलिए ये किरदार मेरे लिए उतना ही जरूरी है जितना मेरा कोई भी दूसरा काम रहा है या शायद उससे भी ज्यादा।
अंजुम शर्मा
सवाल: ‘मिर्जापुर’ के किरदार से यह रोल कितना अलग है?
जवाब: मेरा यह किरदार उनके पिछले काम से बिल्कुल अलग है। मिर्जापुर में मेरा किरदार ज्यादा शांत और इंटेंस था लेकिन ‘कप्तान’ में मेरा रोल ज्यादा खुला हुआ, डार्क और पोलराइज्ड है। इसमें क्लासिक विलेन जैसे रंग हैं जैसे गब्बर या मोगैंबो जहां आप खुलकर परफॉर्म कर सकते हैं।
सिद्धार्थ निगम
सवाल: इतनी कम उम्र में इतना बड़ा मुकाम, क्या आपने कभी सोचा था?
जवाब: सच कहूं तो मैंने कभी ये सब प्लान ही नहीं किया था। मैं जिस बैकग्राउंड से आता हूं, वहां फिल्मों या एक्टिंग की कोई खास डिस्कशन नहीं होती थी। मैं बचपन में थिएटर तक नहीं गया था फिल्म देखने। मेरी पहली फिल्म जो मैंने थिएटर में देखी थी वो थी मंगल पांडे: द राइजिंग, और उसके बाद मैंने धूम 3 देखी। मेरा पूरा फोकस स्पोर्ट्स पर था मैं जिम्नास्टिक करता था हॉस्टल में रहता था और एंटरटेनमेंट की दुनिया से बिल्कुल दूर था। लेकिन धीरे-धीरे जिंदगी ने मोड़ लिया और मैं इस इंडस्ट्री में आ गया। जिस तरह से इंडस्ट्री ने मुझे अपनाया और लोगों ने मुझे प्यार दिया वो मेरे लिए बहुत बड़ी बात है। आज इतने शानदार कलाकारों के साथ काम करना मेरे लिए किसी सपने से कम नहीं है।
सवाल: आपने आमिर खान जैसे बड़े स्टार के साथ काम किया है। उनसे क्या सीख मिली?
जवाब: मैंने उनसे सबसे बड़ी सीख ये ली कि चाहे आप कितने भी बड़े स्टार क्यों न बन जाएं, आपको हमेशा हमबल और ग्राउंडिड रहना चाहिए। मैंने देखा है कि कई बार जब लोग थोड़ा अचीव कर लेते हैं तो उनके अंदर एक एटिट्यूड आ जाता है कि उन्होंने सब कुछ हासिल कर लिया है। लेकिन आमिर खान और सलमान खान के साथ काम करके मैंने जाना कि असली ग्रेटनेस क्या होती है। दोनों अपने काम को लेकर बेहद ईमानदार हैं और सेट पर हर किसी को इतना कंफर्म देते हैं कि आप खुद मोटिवेट हो जाते हैं। उनके साथ काम करना मेरे लिए एक लर्निंग एक्सपीरियंस रहा है, जो मैं हमेशा अपने साथ रखूंगा।