मैंने कभी हार नहीं मानी, रिजेक्शन से सीखकर अपनी फिल्म खुद बनाई – पीटर विल्सन

Edited By Updated: 31 May, 2026 05:18 PM

obsessed movie starcast exclusive interview with punjab kesari

इस फिल्म के बारे में  ईशा सिंह और पीटर विल्सन ने पंजाब केसरी, नवोदय टाइम्स, जगबाणी और हिंद समाचार से खास बातचीत की। पेश हैं मुख्य अंश...

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। 29 मई को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी फिल्म ऑब्सेस्ड को पीटर विल्सन ने डायरेक्ट किया है। इस फिल्म में ईशा सिंह और पीटर विल्सन मुख्य भूमिका में नजर आने वाले हैं। इसकी खास बात यह है कि फिल्म को प्रोड्यूस खूद पीटर विल्सन की कंपनी जगराज मोशन पिक्चर्स ने किया है। इस फिल्म के बारे में  ईशा सिंह और पीटर विल्सन ने पंजाब केसरी, नवोदय टाइम्स, जगबाणी और हिंद समाचार से खास बातचीत की। पेश हैं मुख्य अंश...

सवाल: हर कलाकार की जिंदगी में एक ऐसा दौर आता है, जब उसे एहसास होता है कि उसे अभिनय को ही अपना करियर बनाना है। आपके लिए वह पल कौन-सा था?

पीटर विल्सन: मैं पंजाब के एक बहुत छोटे से कस्बे से हूं। शायद वह जगह नक्शे में भी ठीक से दिखाई न देती हो। जब मैं चौथी क्लास में था, तभी से टीवी देखकर अभिनय सीखना शुरू कर दिया था। मेरे दादाजी टीवी देखते थे और मैं उनसे कहता था कि एक दिन मैं भी टीवी पर जरूर आऊंगा।  आज अगर वह होते तो बहुत खुश होते। यह सफर बहुत लंबा रहा है। मैंने कभी किसी थिएटर या अभिनय संस्थान से नहीं सीखा। मुझे लगता है कि कुछ चीजें भगवान की देन होती हैं। मैंने लोगों को देखकर, उनकी भावनाओं और व्यवहार को समझकर अभिनय सीखा। बचपन से ही मन में यह बात थी कि मुझे अभिनेता बनना है और वहीं से सिनेमा तक का यह सफर शुरू हुआ।

ईशा सिंह: मैं भोपाल से हूं और हमारे यहां मुंबई जाना ही बहुत बड़ी बात मानी जाती है क्योंकि छोटा शहर है और लगभग सभी एक-दूसरे को जानते हैं। लेकिन मुझे हमेशा से पता था कि मुझे अभिनय ही करना है। मैं भोपाल में थिएटर करती थी और वहां कला को बहुत महत्व दिया जाता है। मुझे बहुत अच्छे थिएटर समूहों के साथ काम करने का मौका मिला। वहीं से मैंने ऑडिशन देना शुरू किया। अभिनय को लेकर मैं हमेशा बहुत जुनूनी रही हूं और धीरे-धीरे सब कुछ मेरे पक्ष में होता चला गया। आज मैं यहां हूं तो उसकी शुरुआत वहीं से हुई।

सवाल: जब कोई अभिनय को करियर बनाना चाहता है, तब माता-पिता का साथ सबसे ज्यादा जरूरी होता है। आपके माता-पिता का समर्थन कैसा रहा?

 पीटर विल्सन: मेरे पिता इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हैं और मैंने बी.टेक भी किया है। वह चाहते थे कि मैं एक बड़ा अधिकारी बनूं। उनके कहने पर मैंने डिग्री तो ले ली लेकिन कभी नौकरी नहीं की क्योंकि मुझे हमेशा लगता था कि मैं अभिनय के लिए बना हूं। मेरे माता-पिता बहुत सीधे और सादे लोग हैं। उन्हें मनोरंजन की दुनिया के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। आज भी वह बहुत सरल जीवन जीते हैं। लेकिन उनकी दुआएं हमेशा मेरे साथ रही हैं। उन्हें बस यही चिंता रहती थी कि यह सफर कब पूरा होगा। अब ऑब्सेस्ड 29 मई को रिलीज हो रही है। उम्मीद है कि उन्हें यह फिल्म पसंद आएगी।

ईशा सिंह: मैं आज यहां हूं तो सिर्फ अपने माता-पिता की वजह से, खासकर अपनी मां की वजह से। उन्होंने भोपाल में अपना स्कूल छोड़ दिया और मेरे साथ मुंबई आ गईं। मैं आज भी अपनी मां और भाई के साथ रहती हूं जबकि पापा भोपाल में ही रहते हैं। उन्होंने हमेशा मुझसे कहा कि अच्छा-बुरा जो भी होगा हम संभाल लेंगे।
एक पिता के लिए यह कहना बहुत बड़ी बात होती है क्योंकि इस इंडस्ट्री को लेकर लोग बहुत तरह की बातें करते हैं। लेकिन उन्होंने हमेशा मुझ पर भरोसा किया।


सवाल: ऑब्सेस्ड का ट्रेलर देखा जो काफी अच्छा है। इस फिल्म को बनाने के पीछे आपका उद्देश्य क्या था?

पीटर विल्सन: मेरी कंपनी जगराज मोशन पिक्चर्स शुरू करने के पीछे एक बड़ा कारण था। मैंने पहले अभिनय भी किया है और बहुत रिजेक्शन झेली हैं। कई बार मुझे बदल भी दिया गया। फिर एक समय ऐसा आया जब मैंने सोचा कि मुझे अपना खुद का सिनेमा बनाना है। ऐसा सिनेमा जो दर्शकों को एक अलग अनुभव दे सके। जब लेखिका सैम बारिया हमारे पास यह कहानी लेकर आईं तब मैंने और मेरे भाई जगदीश सिंह ने इस फिल्म की योजना बनाई। उसके बाद कलाकारों का चयन शुरू हुआ और सबसे अहम किरदार के लिए हमने ईशा सिंह को चुना।

जब उन्हें कहानी सुनाई गई, तो उन्होंने तुरंत हामी भर दी। यह किरदार उनके लिए बहुत चुनौतीपूर्ण था। उन्होंने अब तक कई बेहतरीन भूमिकाएं निभाई हैं और पुरस्कार भी जीते हैं, लेकिन इस फिल्म में दर्शक उन्हें बिल्कुल अलग रूप में देखेंगे।

सवाल: आपको इस फिल्म के लिए कैसे चुना गया?

ईशा सिंह: मुझे लगता है कि मेरी जिंदगी के सारे अच्छे प्रोजेक्ट भोपाल से ही शुरू होते हैं। उस समय मैं भोपाल में थी, तभी सर का फोन आया। फिर सैम मैम ने मुझे कहानी सुनाई। उन्होंने पहले पूरी कहानी का सार बताया और फिर एक-एक दृश्य समझाया। बातचीत काफी लंबी चली। आखिर में उन्होंने मुझसे पूछा कि मुझे कहानी कैसी लगी। मैंने तुरंत कहा कि मुझे यह कहानी बहुत पसंद आई और मैं यह फिल्म जरूर करना चाहती हूं। वहीं से इस फिल्म की शुरुआत हुई।


सवाल: निर्माण, निर्देशन और अभिनय तीनों जिम्मेदारियां एक साथ निभाना कितना मुश्किल था?

पीटर विल्सन: मेरी टीम भले ही छोटी थी, लेकिन बहुत मजबूत थी। रेखा सिंह जी, सैम बारिया और मैंने मिलकर इस फिल्म को बनाया। हमारे तकनीकी कलाकार भी बेहद शानदार थे। केविन रे जॉर्ज ने बैकग्राउंड म्यूजिक दिया, गणेश गंगाधर साउंड डिजाइनर थे, शरद मोहन मिक्स निर्देशक थे और सरफराज अली हसन खान फिल्म के डीओपी थे। यह फिल्म एक सामान्य फिल्म नहीं है। मैं इसमें कुछ अलग और प्रयोगात्मक करना चाहता था। आमतौर पर लोग फिल्म देखते समय सिर्फ मनोरंजन तक सीमित रहते हैं लेकिन मैं चाहता था कि दर्शक इसके दृश्य और ध्वनि दोनों को महसूस करें। इस फिल्म में साउंड और बैकग्राउंड म्यूजिक पर बहुत मेहनत की गई है और किसी भी चीज में कोई समझौता नहीं किया गया। सबसे बड़ा संघर्ष लोगों को इस फिल्म पर भरोसा दिलाना था। क्योंकि मैं एक स्वतंत्र निर्देशक और निर्माता हूं, इसलिए कई लोगों को लगता था कि पता नहीं कैसी फिल्म बनाई होगी। लेकिन जब उन्होंने फिल्म देखी तो उन्होंने खुद इसकी तारीफ की। फिल्म बनने के बाद सबसे मुश्किल काम इसे रिलीज करवाना था। मैं हर स्टूडियो गया लेकिन सभी यही पूछते थे कि बड़ा चेहरा कौन है और दर्शक फिल्म देखने क्यों आएंगे। कई लोगों ने बीच रास्ते में साथ छोड़ दिया लेकिन मेरे अंदर एक जिद थी कि मुझे यह सफर रोकना नहीं है। मैंने इस फिल्म में किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया है और मुझे पूरा भरोसा है कि दर्शकों को यह फिल्म जरूर पसंद आएगी।


सवाल: ऑब्सेस्ड के बाद आगे क्या देखने को मिलेगा?

ईशा सिंह: मेरे लिए अभी कलर्स टीवी का एक शो तैयार है। उसके बाद भी कुछ प्रोजेक्ट्स हैं लेकिन फिलहाल पूरा ध्यान ऑब्सेस्ड पर है।

पीटर विल्सन: ऑब्सेस्ड में एक बड़ा सरप्राइज फैक्टर भी है जिसे मैं अभी उजागर नहीं करना चाहता। दर्शक जब फिल्म देखेंगे तब उन्हें उसका पता चलेगा। मेरे आने वाले समय में और भी कई प्रोजेक्ट्स हैं। यह सिर्फ शुरुआत है। अगर 140 करोड़ लोगों में से कुछ लोगों को भी यह फिल्म पसंद आ गई तो मुझे लगेगा कि अच्छे सिनेमा की एक नई शुरुआत हो गई। अगर मुझसे कहीं कोई गलती हुई है तो दर्शक उसे प्यार से स्वीकार करें क्योंकि यह मेरी पहली फिल्म है।


सवाल: आखिर दर्शकों को ‘ऑब्सेस्ड’ क्यों देखनी चाहिए?

पीटर विल्सन: 29 मई को ऑब्सेस्ड आपके नजदीकी सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। यह फिल्म इसलिए खास है क्योंकि हर पुरुष को इसमें अपना एक हिस्सा दिखाई देगा और हर महिला को सारा के किरदार से जुड़ाव महसूस होगा। ईशा सिंह ने इस फिल्म में शानदार काम किया है और यह फिल्म दर्शकों को एक अलग अनुभव देने वाली है।

ईशा सिंह: मुझे लगता है कि अब समय आ गया है कि हम नए कलाकारों और नए सिनेमा को भी समर्थन दें। सिर्फ इस आधार पर किसी फिल्म को नहीं आंकना चाहिए कि पहले क्या बनाया गया था। पहले फिल्म देखिए, फिर अपनी राय दीजिए। हम सबने इस फिल्म में बहुत मेहनत, खून, पसीना और आंसू लगाए हैं। मैं बेसब्री से इंतजार कर रही हूं कि आप लोग 29 मई को फिल्म देखें और हमें बताएं कि आपको यह कैसी लगी।

 

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!