Edited By Prachi Sharma,Updated: 06 Sep, 2026 02:45 PM

Parmish Verma : पंजाबी सिंगर-एक्टर परमीश वर्मा ने पत्नी गीत ग्रेवाल से अलग होने की घोषणा के कुछ दिनों बाद जिंदगी में नेगेटिविटी से दूर रहने के बारे में एक मैसेज शेयर किया है।
Parmish Verma : पंजाबी सिंगर-एक्टर परमीश वर्मा ने पत्नी गीत ग्रेवाल से अलग होने की घोषणा के कुछ दिनों बाद जिंदगी में नेगेटिविटी से दूर रहने के बारे में एक मैसेज शेयर किया है।
इंस्टाग्राम पर, 'गाल नी कडनी' गाने वाले सिंगर ने अपने पिता के जन्मदिन के सेलिब्रेशन की झलकियां शेयर कीं और उनके प्रति अपना सम्मान जताया। परमीश ने नेगेटिविटी को दूर रखने की अहमियत पर भी जोर दिया। तस्वीरें शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, "जिंदगी में नेगेटिविटी के लिए जीरो जगह है, मैं किसी का फ़ैन नहीं हूं, मेरे बापू ही मेरे हीरो हैं।
तस्वीरों में एक्टर अपने पिता, मां और भाई सुखान वर्मा के साथ पोज देते हुए दिख रहे हैं। एक तस्वीर में परमीश अपने पिता को केक का टुकड़ा खिलाते हुए नजर आ रहे हैं। दूसरी तस्वीरों में वह अपनी माँ के साथ पोज देते और अपने परिवार के साथ प्यारे पल बिताते हुए दिख रहे हैं।

यह पोस्ट पंजाबी सिंगर-एक्टर द्वारा सोशल मीडिया पर एक बयान में गीत ग्रेवाल से तलाक की पुष्टि करने के एक दिन बाद आया है। परमीश ने यह भी माना कि इस समय उनकी जिंदगी में एक महिला है। उनका यह स्पष्टीकरण एक्ट्रेस और मॉडल हरमन बरार के साथ उनके कथित रिश्ते को लेकर हफ़्तों तक चली ट्रोलिंग और अटकलों के बीच आया है, साथ ही ऐसे दावे भी किए गए थे कि उन्होंने अपनी पूर्व पत्नी गीत ग्रेवाल के साथ बेवफाई की थी।
परमीश ने लिखा, "एक पुरुष होने के नाते आपको आसानी से मनोवैज्ञानिक रूप से बलि का बकरा बना दिया जाता है, जेंडर को दोष दो, कहानी को आसान बनाओ, और भीड़ को नैतिक रूप से बेहतर महसूस करने का मौका मिल जाता है। मैं इसकी साइकोलॉजी को समझता हूं और बिना किसी शिकायत के इस बोझ को स्वीकार करता हूं। जब मैं डूब रहा था, तो मुझे बचाने कोई नहीं आया। मैंने अपने नतीजों का सामना किया, अपना दर्द सहा, और फिर से खड़ा होना सीखा। पुरुष होने का मतलब यह भी है।
सिंगर ने आगे कहा, "अपनी एक्स-वाइफ और आज मेरी जिंदगी में मौजूद महिला का सम्मान करने का अनुशासन रखना और कड़वाहट को मर्दानगी समझने की गलती कभी न करना भी जरूरी है। मर्दानगी वो नहीं है जो अच्छाई का दिखावा करने वाली कमजोरी हो, भीड़ का हिस्सा बनकर कायरता दिखाना, अटेंशन और पैसे के लिए किसी एजेंडे को बढ़ावा देना और कायरता को नैतिकता का नाम देना। मैं जानता हूं कि मैं क्या हूं। मैं भीड़ के साथ रेंगकर तारीफ पाने के बजाय, अपनी बात पर डटे रहने के कारण नफरत का पात्र बनना ज़्यादा पसंद करूंगा। मैं आज जो इंसान बना हूं, उस पर मुझे गर्व है।