नए चेहरों पर दांव लगाने को लेकर बोले लव रंजन, बताया क्यों जरूरी है न्यूकमर्स को मौका देना

Edited By Updated: 06 Oct, 2026 06:19 PM

pehla pyaar doosri baar love ranjan newcomers content stardom

फिल्ममेकर लव रंजन अपनी फिल्मों में रिलेटेबल कहानियों के साथ नए और फ्रेश टैलेंट को मौका देने के लिए भी जाने जाते हैं। ‘प्यार का पंचनामा’ से लेकर उनकी आने वाली फिल्म ‘पहला प्यार दूसरी बार’ तक, रंजन ने नए चेहरों पर भरोसा जताया है।

नई दिल्ली/टीम डिजिटल।  फिल्ममेकर लव रंजन अपनी फिल्मों में रिलेटेबल कहानियों के साथ नए और फ्रेश टैलेंट को मौका देने के लिए भी जाने जाते हैं। ‘प्यार का पंचनामा’ से लेकर उनकी आने वाली फिल्म ‘पहला प्यार दूसरी बार’ तक, रंजन ने नए चेहरों पर भरोसा जताया है। अब अपनी इस अपकमिंग फिल्म में उन्होंने छह यंग एक्टर्स को एक साथ मौका दिया है। यूथ सेंट्रिक रोमांटिक कॉमेडी ‘पहला प्यार दूसरी बार’ अपनी घोषणा के बाद से ही चर्चा में बनी हुई है।

‘न्यूकमर्स को मौका क्यों न दें?’
नए टैलेंट को लॉन्च करने की अपनी सोच के बारे में बात करते हुए लव रंजन ने कहा कि अगर नए एक्टर्स और डायरेक्टर्स को मौका ही नहीं मिलेगा, तो वे आगे कैसे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि जब वह खुद इस शहर में नए थे, तब लोगों ने उन पर भरोसा किया था। इसलिए नए टैलेंट को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी इंडस्ट्री में मौजूद लोगों की भी है। रंजन के मुताबिक, जब उनसे पूछा जाता है कि वह न्यूकमर्स के साथ क्यों काम करते हैं, तो उनका सीधा जवाब होता है- ‘क्यों नहीं?’

6 से 8 महीने चला कास्टिंग प्रोसेस
‘पहला प्यार दूसरी बार’ की कास्टिंग को लेकर रंजन ने बताया कि सही टैलेंट तलाशने में काफी समय लगा। उन्होंने कहा कि करीब छह से आठ महीने तक ऑडिशन लिए गए और इसके बाद कलाकारों को फिल्म के लिए चुना गया। ज्यादातर एक्टर्स के पास पहले से एक्टिंग की ट्रेनिंग थी। कास्टिंग के बाद फिल्म के डायरेक्टर ने वर्कशॉप्स को संभाला और खासतौर पर स्क्रिप्ट रीडिंग पर फोकस किया।

आज के एक्टर्स के पास ज्यादा एक्सपोजर
रंजन का मानना है कि आज के दौर के एक्टर्स के पास पिछली पीढ़ी की तुलना में कहीं ज्यादा जानकारी और टूल्स मौजूद हैं। सोशल मीडिया, कास्टिंग और स्टाइलिंग को लेकर उनकी समझ भी पहले से ज्यादा है। हालांकि, इसके साथ ही उनका ध्यान भटकाने वाली चीजें भी बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि आज के एक्टर्स को अपने समय और समाज के ज्यादा एक्सपोजर का फायदा मिलता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वे पिछली पीढ़ी से ज्यादा टैलेंटेड या बेहतर तैयार हैं।

‘सक्सेस की कोई गारंटी नहीं’
क्या प्रोड्यूसर्स को बॉक्स ऑफिस के लिए सिर्फ सेफ गेम खेलना चाहिए? इस सवाल पर लव रंजन ने कहा कि आज किसी भी फिल्म की सफलता की गारंटी नहीं दी जा सकती। उनके मुताबिक, एक स्थापित स्टार की फिल्म भी कभी ₹50 करोड़ की ओपनिंग कर सकती है और कभी ₹8 करोड़ की। ऐसे में न्यूकमर्स पर रिस्क लेना जरूरी है, क्योंकि अगर नए एक्टर्स को मौका नहीं मिलेगा तो अगली पीढ़ी के स्टार्स कहां से आएंगे।

हर कुछ साल में चाहिए नए स्टार्स की वेव
लव रंजन ने हिंदी सिनेमा के बदलते सिस्टम पर भी बात की। उन्होंने कहा कि हर छह-सात साल में एक्टर्स की एक नई वेव जरूरी होती है, क्योंकि मौजूदा स्टार्स की उम्र बढ़ती जाती है। उनके मुताबिक, 1990 के दशक में कलाकार एक साल में कई फिल्में करते थे, जबकि आज टॉप स्टार्स एक-दो साल में एक फिल्म कर रहे हैं। ऐसे में नए और भरोसेमंद एक्टर्स का पूल ज्यादा फिल्में बनाने में मदद करता है।

नए एक्टर्स के साथ काम करना पसंद करते हैं रंजन
लव रंजन ने यह भी कहा कि उन्हें व्यक्तिगत तौर पर नए एक्टर्स और डायरेक्टर्स के साथ काम करना पसंद है। उनके मुताबिक, नए लोगों में जबरदस्त एनर्जी और पैशन होता है। वे अपनी पहली फिल्म को खास बनाने के लिए पूरी मेहनत करने के लिए तैयार रहते हैं।

कंटेंट जरूरी, लेकिन स्टारडम बड़ा एम्प्लीफायर
कंटेंट और स्टार पावर की बहस पर लव रंजन ने कहा कि स्लीपर हिट्स हमेशा से हिंदी सिनेमा का हिस्सा रही हैं। उन्होंने ‘प्यार का पंचनामा’ और ‘सोनू के टीटू की स्वीटी’ का उदाहरण देते हुए कहा कि मजबूत कंटेंट ऑडियंस का दिल जीत सकता है। हालांकि, स्टारडम किसी अच्छी फिल्म की पहुंच को कई गुना बढ़ा सकता है। उनके मुताबिक, नॉन-स्टार्स के साथ अच्छी फिल्म अपनी ऑडियंस खोज सकती है, लेकिन वही फिल्म किसी सुपरस्टार के साथ रिकॉर्ड-ब्रेकिंग ब्लॉकबस्टर बन सकती है। लव रंजन और अंकुर गर्ग द्वारा को-प्रोड्यूस की गई ‘पहला प्यार दूसरी बार’ में यूथ, लव और साथ रहने की कहानी देखने को मिलेगी। यह फिल्म 23 अक्टूबर 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!