Edited By Pardeep,Updated: 08 Oct, 2026 05:42 AM

दुनिया के सबसे अमीर इंसान और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) के मालिक एलन मस्क ने भारत में अपनी सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी 'स्टारलिंक' (Starlink) के प्रवेश को लेकर कुछ भारतीय उद्योगपतियों पर तीखा निशाना साधा है।
इंटरनेशनल डेस्क: दुनिया के सबसे अमीर इंसान और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) के मालिक एलन मस्क ने भारत में अपनी सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी 'स्टारलिंक' (Starlink) के प्रवेश को लेकर कुछ भारतीय उद्योगपतियों पर तीखा निशाना साधा है। एलन मस्क ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट का जवाब देते हुए आरोप लगाया कि कुछ बड़े उद्योगपति भारत में स्टारलिंक की एंट्री को रोक रहे हैं ताकि भारतीय लोगों पर उनका एकाधिकार (Monopoly) बना रहे। मस्क ने लिखा, "दुर्भाग्य से, कुछ बड़े उद्योगपति हमें रोक रहे हैं ताकि भारतीय लोगों के ऊपर उनका एकाधिकार बना रहे। आप अंदाजा लगा सकते हैं कि वे कौन लोग हैं।" इसके साथ ही उन्होंने इसे 'भारत के लोगों के खिलाफ एक अपराध' करार दिया है।
2022 से जारी है कोशिश, डेटा सुरक्षा पर फंसा था पेंच
एलन मस्क वर्ष 2022 की शुरुआत से ही स्टारलिंक को भारत के बड़े मोबाइल बाजार में उतारने का प्रयास कर रहे हैं। भारत के मौजूदा इंटरनेट बाजार में मुख्य रूप से मोबाइल इंटरनेट का इस्तेमाल होता है, जिसमें जियो, एयरटेल और वीआई (Vi) प्रमुख खिलाड़ी हैं। स्टारलिंक के प्रवेश को लेकर भारत सरकार और मस्क के बीच कई मुद्दों पर असहमति बनी रही। वर्ष 2024 में संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्पष्ट किया था कि यदि स्टारलिंक को भारत में सेवाएं देनी हैं, तो उसे भारतीय यूज़र्स का डेटा भारत में ही रखना होगा और अन्य सुरक्षा शर्तों का पालन करना होगा।
पीएम मोदी से मुलाकात और जियो-एयरटेल से समझौते के बाद भी इंतजार
वर्ष 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एलन मस्क की मुलाकात के बाद परिस्थितियों में नरमी की उम्मीद जताई जा रही थी। इसके बाद मार्च 2025 में स्टारलिंक ने रिलायंस जियो और भारती एयरटेल के साथ समझौता भी किया तथा केंद्र सरकार की ओर से कुछ महत्वपूर्ण लाइसेंस भी प्रदान किए गए। हालांकि, इसके बावजूद स्टारलिंक अपनी सेवाएं शुरू करने में असमर्थ रहा।
7 अक्टूबर को इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार होने का दावा, अब अनुमतियों की दरकार
सैटेलाइट इंटरनेट के माध्यम से देश के सुदूर और ग्रामीण इलाकों तक भी इंटरनेट पहुंचाया जा सकता है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी के लिए डेटा देश के भीतर ही रखने की सरकार की शर्त पर स्टारलिंक ने सहमति जता दी है और वह पिछले एक साल से इस पर काम कर रहा है। 7 अक्टूबर को स्टारलिंक ने जानकारी दी कि उसने भारत में एक बड़ा इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार कर लिया है। फिलहाल स्टारलिंक केंद्र सरकार की कुछ महत्वपूर्ण अंतिम अनुमतियों का इंतजार कर रहा है, जबकि सरकार के समक्ष इसकी दरें (प्राइजिंग) तय करने और रेग्यूलेट करने से जुड़े कुछ अन्य मुद्दे भी विचारधीन हैं।