Edited By Mansi,Updated: 22 Jan, 2026 12:55 PM

इन 36 हिंदी ऑडियो सीरीज़ में स्पाइडर-मैन, द एवेंजर्स और वूल्वरिन जैसे लोकप्रिय मार्वल सुपरहीरोज़ की कहानियां शामिल होंगी। इन्हें हाई-क्वालिटी ऑडियो फॉर्मेट में तैयार किया गया है, ताकि श्रोता कहीं भी, कभी भी इनका आनंद ले सकें।
नई दिल्ली/टीम डिजिटल। दुनिया के सबसे बड़े ऑडियो सीरीज़ प्लेटफॉर्म Pocket FM ने Disney पब्लिशिंग APAC के साथ साझेदारी कर भारत में श्रोताओं के लिए 36 आइकॉनिक मार्वल ऑडियो सीरीज़ हिंदी में लॉन्च की हैं।
इन 36 हिंदी ऑडियो सीरीज़ में स्पाइडर-मैन, द एवेंजर्स और वूल्वरिन जैसे लोकप्रिय मार्वल सुपरहीरोज़ की कहानियां शामिल होंगी। इन्हें हाई-क्वालिटी ऑडियो फॉर्मेट में तैयार किया गया है, ताकि श्रोता कहीं भी, कभी भी इनका आनंद ले सकें। ये कहानियां मल्टी-एपिसोड आर्क्स में आगे बढ़ेंगी, जो Disney की दमदार स्टोरीटेलिंग को एक नए, मोबाइल-फर्स्ट दर्शक वर्ग तक पहुंचाएंगी।
Disney पब्लिशिंग APAC की वाइस प्रेसिडेंट – पब्लिशिंग एंड एक्सपीरियंसेज़, वेरोनिका कैबेलिनन ने कहा, “हम हमेशा Disney की स्टोरीटेलिंग की ताकत में विश्वास करते आए हैं, जो यह साबित करती है कि जब कहानियां दर्शकों से जुड़ती हैं, तो वे किसी भी माध्यम और जगह तक पहुंच सकती हैं। Pocket FM सुनने के अनुभव को भावनात्मक और लगभग सिनेमैटिक बना रहा है। हमें खुशी है कि मार्वल के सुपरहीरोज़ ऑडियो की ताकत के जरिए भारत में फैंस की एक नई पीढ़ी को प्रेरित करेंगे।”
भारत में श्रोता मिथक-प्रेरित कहानियों, सुपरनैचुरल थ्रिलर्स और डार्क फैंटेसी सीरीज़ जैसे कल्पनाशील संसारों को तेजी से अपना रहे हैं। फैंटेसी ऑडियो सीरीज़ के क्षेत्र में अग्रणी Pocket FM, इस जॉनर को परंपरा, तकनीक और रचनात्मकता के संगम के रूप में उभरते हुए देख रहा है।
Pocket FM के को-फाउंडर और सीईओ रोहन नायक ने कहा, “हमारी सांस्कृतिक पहचान कल्पनाशील और बड़े पैमाने की कहानियों से जुड़ी है। Disney के साथ मिलकर हम मार्वल सुपरहीरोज़ की कहानियों को ऐसे सीरियलाइज़्ड ऑडियो अनुभव में बदल रहे हैं, जो भावनात्मक, सहज और स्थानीय महसूस हों। फैंटेसी और सुपरहीरो सीरीज़ हमेशा से Pocket FM के सबसे मजबूत जॉनर रहे हैं और यह तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इस साझेदारी के जरिए हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि प्रीमियम फैंटेसी एंटरटेनमेंट समावेशी और गहराई से जुड़ने वाला हो, ताकि भारत में कहीं भी, कोई भी श्रोता खुद को कहानी का हिस्सा महसूस कर सके।”