Edited By Prachi Sharma,Updated: 10 Aug, 2026 05:08 PM

एक्टर प्रदीप रावत के बेटे, विक्रमादित्य रावत ने अपने पिता की इच्छाओं के बारे में बात की और बताया कि एक्टिंग कभी भी उनके करियर की पहली पसंद नहीं थी।
मुंबई (IANS) : एक्टर प्रदीप रावत के बेटे, विक्रमादित्य रावत ने अपने पिता की इच्छाओं के बारे में बात की और बताया कि एक्टिंग कभी भी उनके करियर की पहली पसंद नहीं थी।
IANS से खास बातचीत में विक्रमादित्य ने बताया कि किस्मत के फिल्म इंडस्ट्री की ओर ले जाने से पहले उनके पिता हमेशा से फौजी बनने का सपना देखते थे। अपने पिता की पर्सनैलिटी और उनसे मिली सीख को याद करते हुए विक्रमादित्य ने कहा कि प्रदीप बहुत आत्मनिर्भर थे और कड़ी मेहनत, भगवान और किस्मत में यकीन रखते थे। उन्होंने यह भी बताया कि उनके पिता हमेशा उन्हें स्टार बनते देखना चाहते थे।
उन्होंने कहा, "अगर मेरे पिता यहां होते, तो वे बहुत आत्मनिर्भर इंसान होते। मेरा मतलब है, अगर उनकी जेब में 10 रुपये होते और खाना 20 रुपये का होता, तो भी वे किसी से 10 रुपये नहीं मांगते। मैंने अपने पिता से एक बात सीखी है कि कड़ी मेहनत करो, भगवान पर भरोसा रखो और सब किस्मत पर छोड़ दो।" "मेरे पिता चाहते थे कि मैं स्टार बनूं, मैंने तय किया कि अब मैं स्टार बनूंगा। देखते हैं किस्मत मुझे कहां ले जाती है। असल में, यह बात कोई नहीं जानता। एक्टर बनने से पहले मेरे पिता फौजी बनना चाहते थे। मेरे दादाजी फौजी थे। वे फौजी नहीं बन पाए इसलिए किस्मत उन्हें एक्टिंग में ले आई।
विक्रमादित्य ने आगे कहा, "वरना, वे कभी एक्टर नहीं बनना चाहते थे, वे फौजी बनना चाहते थे। सच कहूं तो, जब वे दुनिया से गए, तो वे बिल्कुल फौजी जैसे लग रहे थे। अनुभवी एक्टर प्रदीप रावत, जिन्होंने "गजनी" में गजनी और बी.आर. की फिल्मों में अश्वत्थामा के रोल से गहरी छाप छोड़ी। चोपड़ा की महाभारत के कलाकार का 74 साल की उम्र में निधन हो गया। वे कैंसर का इलाज करवा रहे थे और खबरों के अनुसार, 5 अगस्त, 2026 को अपनी मौत से कुछ हफ़्ते पहले उनकी बीमारी फिर से बढ़ गई थी।