Edited By Prachi Sharma,Updated: 26 Oct, 2026 03:52 PM
अभिनेत्री रश्मिका मंदाना ने सोमवार को कहा कि उनके और उनके पति विजय देवरकोंडा के बीच के रिश्ते को किसी एक तय ढांचे में फिट करने की जरूरत नहीं है। 'कॉफी विद करण' में दोनों के नजर आने के बाद, उनके रिश्ते को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हुई थी। शो के...
Rashmika Mandanna Statement : अभिनेत्री रश्मिका मंदाना ने सोमवार को कहा कि उनके और उनके पति विजय देवरकोंडा के बीच के रिश्ते को किसी एक तय ढांचे में फिट करने की जरूरत नहीं है। 'कॉफी विद करण' में दोनों के नजर आने के बाद, उनके रिश्ते को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हुई थी। शो के दौरान, देवरकोंडा ने कहा था- प्रपोज करना मेरे बस की बात नहीं है। उसने कहा कि चलो शादी कर लेते हैं। तुमने मुझसे 100 बार पूछा होगा। वहीं, मंदाना ने बताया कि उन्हें विजय को मनाने में एक साल लग गया। इस पर कई लोगों ने 'अर्जुन रेड्डी' स्टार को 'रेड फ्लैग' करार दे दिया।
अब, 'द गर्लफ्रेंड', 'एनिमल' और 'पुष्पा' जैसी फिल्मों में काम कर चुकीं मंदाना ने अपनी शादी को लेकर इंटरनेट पर चल रही चर्चाओं पर एक लंबा बयान जारी किया है।
मंदाना ने लिखा, "इंटरनेट पर मौजूद मेरे प्यारे लोगों... आप सभी के लिए, जो बहुत प्यार करते हैं और उनके लिए भी जो हमेशा कड़वाहट से भरे रहते हैं। मुझसे और 'विज्जू' (विजय) से जुड़े इस पूरे मामले पर मेरी छोटी सी राय है।
30 वर्षीय अभिनेत्री ने लिखा, "आमतौर पर मैं ऐसी बातों पर ध्यान नहीं देती, क्योंकि हर किसी को अपनी राय रखने का अधिकार है। कभी-कभी तो मुझे लोगों की बातें पढ़कर अलग नज़रिया जानने में मज़ा भी आता है। लेकिन हमारे इंटरव्यू को लेकर अभी जो हंगामा मचा है, वह किसी की राय जैसा कम और एक ऐसी गुस्साई भीड़ जैसा ज़्यादा लग रहा है, जो बस अपना गुस्सा निकालने के लिए किसी को ढूंढ रही है।
मेरे परिवार को बीच में लेकर मत आएं...
मंदाना ने कहा कि उन्हें इस विषय पर सार्वजनिक रूप से बात करनी पड़ी, क्योंकि वह उन लोगों की रक्षा करना चाहती थीं जो प्यार में यकीन रखते हैं।मेरी दिल से यही कामना और प्रार्थना है कि आपको कोई ऐसा इंसान मिले जिससे आप प्यार करें और जो आपसे भी उतना ही गहरा प्यार करे और अगर आप ऐसा नहीं चाहते, तो वह भी बिल्कुल ठीक है। आप वह ज़िंदगी जिएं जिससे आपको खुशी मिले। दोनों ही स्थितियों में, मैं आपके लिए खुश रहूंगी और एक बात। मेरे बारे में जितना चाहे बुरा-भला कह लो, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता लेकिन मेरे परिवार के बारे में बिना उन्हें जाने कुछ भी कहना ? यह फेमिनिज़्म नहीं है। यह फेमिनिज़्म के नाम पर की जा रही बदमाशी है। फेमिनिज़्म का मतलब कभी भी किसी को नीचा दिखाना या खुद को श्रेष्ठ साबित करना नहीं रहा है, चाहे आप पुरुष हों या महिला। इसका असली मतलब है अपनी जिंदगी खुद चुनने की आजादी होना और अपनी जिंदगी की बागडोर अपने हाथों में लेना।
100 बार तो कुछ भी नहीं है, 1000 बार कह सकती हूं
उन कमेंट्स का जवाब देते हुए जिनमें कहा गया था कि वह देवरकोंडा को लेकर कुछ ज़्यादा ही जुनूनी हैं, मंदाना ने पूछा कि अपने पार्टनर से प्यार करना कब से गलत हो गया ? वह जीवन भर मेरा साथी रहेगा। आम दिनों में भी और खास दिनों में भी, वह मेरा दोस्त रहेगा। मेरे बच्चों का पिता बनेगा। वह इंसान जिसके साथ मैं बुढ़ापे तक रहूंगी। ऐसा इंसान ढूंढ़िए जो आपसे इतनी खूबसूरती से प्यार करे कि शादी के बाद भी आप उससे कहना चाहें, 'चलो शादी कर लेते हैं।' मैं तो ऐसा हजार बार कर सकती हूं-100 बार तो कुछ भी नहीं है। बात बस इतनी सी है।
हम अपनी जिंदगी के फैसले ले सकते हैं
और जो लोग अपनी ही सोच में पूरी तरह अंधे हो चुके हैं... हम दोनों ने अपनी ज़िंदगी अपनी शर्तों पर, अपनी पसंद और अपनी कड़ी मेहनत से बनाई है। हम समझदार और काबिल इंसान हैं, जिन्हें यह आज़ादी और विशेषाधिकार मिला है कि हम तय कर सकें कि हमें कैसे जीना है और किसके साथ अपनी जिंदगी बितानी है।
2026 में 26 फरवरी को हुई थी रश्मिका और विजय की शादी
'गीता गोविंदम', 'डियर कॉमरेड' और 'रणबली' जैसी फिल्मों के लिए मशहूर देवरकोंडा और मंदाना ने इस साल 26 फरवरी को शादी कर ली। यह कपल करण जौहर के मशहूर चैट शो में मेहमान बनकर आया था, जिसके बाद इंटरनेट पर लोग मंदाना और देवरकोंडा के रिश्ते का विश्लेषण करने लगे।
उन्होंने कहा कि उन्हें बिना वजह "राय, कमेंट्स और बिना मांगी सलाह की बौछार झेलनी पड़ी।
मैं दिल से सोचती हूँ और विजय दिमाग से
मंदाना ने कहा कि उन्हें अच्छे से पता था कि वह क्या चाहती हैं और यह भी पूरी तरह ठीक था कि 37 वर्षीय देवरकोंडा "ज़िंदगी की व्यावहारिक बातों पर सोचने के लिए समय लेना चाहते थे और पूरी तरह आश्वस्त होना चाहते थे। इससे हमारे प्यार में कोई बदलाव नहीं आया। मैं पूरी तरह से दिल से सोचने वाली हूं और वह दिमाग से सोचने वाले हैं और हमें एक-दूसरे की जिंदगी में इसी की जरूरत है। हमारे लिए, शादी का मतलब कभी भी प्रपोज़ करना, घुटने के बल बैठना या उंगली में अंगूठी पहनाना नहीं रहा। ये तो बस सजावट की बातें हैं। हमारे लिए, इसका मतलब था एक साथ मिलकर अपना जीवन और भविष्य बनाना। और मुझे लगता है कि हमने अब तक इसे बहुत खूबसूरती से निभाया है।