Edited By Mansi,Updated: 23 Feb, 2026 06:16 PM

'हीरामंडी' स्टार ताहा शाह बदुशा ने लंदन में आयोजित 79वें बाफ्टा फ़िल्म पुरस्कार में शिरकत की, जहां भारतीय सिनेमा के अन्य चर्चित नाम जैसे, आलिया भट्ट और फ़रहान अख़्तर भी मौजूद थे।
नई दिल्ली/टीम डिजिटल। 'हीरामंडी' स्टार ताहा शाह बदुशा ने लंदन में आयोजित 79वें बाफ्टा फ़िल्म पुरस्कार में शिरकत की, जहां भारतीय सिनेमा के अन्य चर्चित नाम जैसे, आलिया भट्ट और फ़रहान अख़्तर भी मौजूद थे। माना जाता है कि यह भव्य समारोह, वैश्विक सिनेमा की सबसे प्रतिष्ठित शामों में से एक रहा।
लंदन के प्रतिष्ठित रॉयल फ़ेस्टिवल हॉल में आयोजित इस समारोह की मेज़बानी एलन कमिंग ने की थी। इस कार्यक्रम में दुनिया भर से कलाकारों और रचनाकारों ने शिरकत कर, अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म निर्माण में उत्कृष्टता का जश्न मनाया।
गौरतलब है कि ताहा शाह बदुशा को व्यापक पहचान 'हीरामंडी' में ताजदार के उनके दमदार अभिनय से मिली, जिसे संजय लीला भंसाली ने निर्देशित किया था। इस नेटफ्लिक्स सीरीज़ को ग्लोबल स्तर पर काफी सराहना मिली थी, जिससे अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के बीच भी ताहा एक जाना माना नाम बन गए।
हाल ही में ताहा 'पारो: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ़ ब्राइड स्लेवरी' में नज़र आए थे, जो एक ऑस्कर-प्रतिस्पर्धी हिंदी फ़ीचर फ़िल्म है। इस फ़िल्म ने न सिर्फ एक गंभीर सामाजिक मुद्दे की ओर ध्यान आकर्षित किया, बल्कि अर्थपूर्ण व वैश्विक रूप से प्रासंगिक कहानियों के प्रति ताहा के झुकाव को और भी मज़बूत किया।
यह शाम भारतीय सिनेमा के लिए गर्व का क्षण रही, जहाँ आलिया भट्ट ने एक पुरस्कार प्रस्तुत किया और फ़रहान अख़्तर की मौजूदगी ने ग्लोबल अवॉर्ड मंच पर भारत की बढ़ती उपस्थिति को रेखांकित किया। एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के तौर पर, मणिपुरी भाषा की फ़िल्म 'बूंग' ने सर्वश्रेष्ठ बाल एवं पारिवारिक फ़िल्म का पुरस्कार जीता। इस फ़िल्म का निर्देशन लक्ष्मीप्रिया देवी ने किया है और इसका निर्माण एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले रितेश सिधवानी और फ़रहान अख़्तर ने किया है।
बाफ्टा के अपने यादगार अनुभव साझा करते हुए ताहा शाह बदुशा ने कहा, “बाफ्टा जैसे ग्लोबल मंच पर भारतीय सिनेमा को मजबूती से खड़ा देखना, मेरे लिए वाकई बेहद खास रहा। विशेष रूप से आलिया भट्ट को पुरस्कार प्रस्तुत करते देखना और भारतीय कहानियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा जाना बेहद प्रेरणादायक है। ऐसे पल हमें याद दिलाते हैं कि हमारा उद्योग कितनी दूर तक आ चुका है और हमारी कहानियाँ कितनी ताक़त से दुनिया तक पहुँच सकती हैं। दुनिया भर की कहानी कहने की कला का सम्मान करने वाले इस आयोजन में भारत का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए गर्व की बात है।”
जिस तरह भारतीय सिनेमा ने अपनी ग्लोबल पहुंच का विस्तार किया है, उससे बाफ्टा में ताहा शाह बदुशा की मौजूदगी ने नई पीढ़ी के अभिनेताओं को प्रेरित किया है, जो भारतीय कथाओं को अपने कलात्मक चुनावों, संवेदनशीलता और सार्थकता का संतुलन साधते हुए अंतरराष्ट्रीय मंचों से सहजता से जोड़ती है।