Edited By Sahil Kumar,Updated: 23 Feb, 2026 07:32 PM

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने Employees' Provident Fund Organisation (EPFO) से जुड़े निष्क्रिय खातों में जमा छोटी रकम लौटाने का फैसला किया है। 1,000 रुपये या उससे कम बैलेंस वाले खातों की राशि बिना किसी आवेदन के सीधे आधार से लिंक बैंक खातों...
नेशनल डेस्कः देश के लाखों भविष्य निधि खाताधारकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़े निष्क्रिय खातों में पड़ी छोटी रकम को लौटाने का फैसला किया है। इस निर्णय के तहत 1,000 रुपये या उससे कम बैलेंस वाले निष्क्रिय खातों की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। खास बात यह है कि इसके लिए खाताधारकों को किसी प्रकार की कागजी कार्रवाई या आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी।
1,000 रुपये तक की राशि होगी वापस
मंत्रालय के निर्णय के अनुसार, जिन निष्क्रिय पीएफ खातों में 1,000 रुपये या उससे कम की राशि जमा है, वह रकम स्वतः संबंधित बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी जाएगी। खाताधारकों को न तो आवेदन देना होगा और न ही किसी कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ेंगे। प्रक्रिया पूरी तरह स्वचालित होगी और आधार से जुड़े बैंक खातों में सीधा भुगतान किया जाएगा।
31 लाख निष्क्रिय खातों की पहचान
सूत्रों के अनुसार, अब तक लगभग 31 लाख निष्क्रिय पीएफ खातों की पहचान की जा चुकी है। इनमें से करीब 6 लाख खाते ऐसे हैं, जिनमें जमा राशि 1,000 रुपये या उससे कम है। छोटी राशि वाले खातों में भुगतान तुरंत किया जाएगा, जबकि अन्य खातों के मामलों में चरणबद्ध तरीके से राशि लौटाई जाएगी।
पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरुआत
यह पहल फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू की जा रही है। यदि यह व्यवस्था सफल रहती है, तो इसे शेष लगभग 25 लाख निष्क्रिय खातों पर भी लागू किया जा सकता है। मंत्रालय का उद्देश्य वर्षों से खातों में पड़ी अप्रयुक्त राशि को उसके वास्तविक हकदारों तक पहुंचाना है।
कब माना जाता है खाता निष्क्रिय?
यदि किसी ईपीएफ खाते में लगातार 36 महीनों तक कोई लेन-देन, अंशदान या दावा नहीं किया जाता है, तो उसे निष्क्रिय (Inoperative) खाता माना जाता है। हालांकि, ऐसी स्थिति में भी खाता दोबारा सक्रिय किया जा सकता है। नई नौकरी जॉइन करने पर पुराने यूएएन को नए नियोक्ता से लिंक करवाकर खाता पुनः चालू किया जा सकता है।