Edited By Tanuja,Updated: 04 May, 2026 04:45 PM

बांग्लादेश (Bangladesh) में खसरे का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। 10 और बच्चों की मौत के बाद कुल मौतें 294 हो गईं। टीकाकरण में गिरावट, कुपोषण और कमजोर स्वास्थ्य व्यवस्था इस संकट को और गंभीर बना रहे हैं। विशेषज्ञों ने आपातकाल घोषित करने की मांग की है।
International Desk: बांग्लादेश ( Bangladesh ) में खसरे का प्रकोप गंभीर रूप ले चुका है। पिछले 24 घंटों में 10 और बच्चों की मौत के बाद कुल मौतों का आंकड़ा बढ़कर 294 पहुंच गया है। इनमें 50 मौतें पुष्टि किए गए खसरे से जुड़ी हैं, जबकि 244 मामलों को संदिग्ध माना जा रहा है।स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, देशभर में Measles (खसरे) के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। अब तक 5,313 पुष्ट मामले सामने आ चुके हैं, जबकि संदिग्ध मामलों की संख्या 40,000 से ज्यादा हो गई है। सिर्फ 24 घंटों में 95 नए पुष्ट और 1,166 संदिग्ध मामले सामने आए हैं।
राजधानी ढाका समेत कई इलाकों में मौतें दर्ज की गई हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में ढाका, बरिशाल, चटगांव, खुलना और सिलहट शामिल हैं। इन इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी दबाव है। सबसे चिंताजनक स्थिति दूरदराज के पहाड़ी इलाकों में है, खासकर बंदरबन जिले के अलीकदम क्षेत्र में। यहां स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण बच्चे जड़ी-बूटियों और पारंपरिक इलाज पर निर्भर हैं। पिछले कुछ दिनों में यहां 5 बच्चों की मौत हो चुकी है और कई अन्य संक्रमित हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस महामारी की सबसे बड़ी वजह टीकाकरण प्रणाली का कमजोर होना है। 2024 के राजनीतिक संकट के बाद वैक्सीन की खरीद और वितरण व्यवस्था प्रभावित हुई, जिससे देशभर में टीकों की कमी हो गई और इम्यूनाइजेशन दर गिर गई। इसके अलावा, बच्चों में कुपोषण और कमजोर स्वास्थ्य प्रणाली ने स्थिति को और खराब कर दिया है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर तुरंत कदम नहीं उठाए गए, तो मौतों का आंकड़ा और बढ़ सकता है। ढाका स्थित महामारी विशेषज्ञों ने सरकार से अपील की है कि हालात की गंभीरता को देखते हुए तुरंत पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित की जाए, ताकि तेजी से संसाधन जुटाकर इस संकट को नियंत्रित किया जा सके।