Edited By Tanuja,Updated: 27 Apr, 2026 07:21 PM

दक्षिण चीन सागर में Balikatan Exercise के दौरान 5 देशों के 11 युद्धपोतों ने संयुक्त अभ्यास किया। United States समेत कई देशों ने क्षेत्रीय सुरक्षा और चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच ताकत का प्रदर्शन किया।
International Desk: दक्षिण चीन सागर में एक बड़े सैन्य अभ्यास के दौरान कई देशों ने मिलकर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। बालिकातन अभ्यास के तहत सोमवार को 5 देशों फिलीपींस, जापान, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और अमेरिका के कुल 11 जहाजों ने संयुक्त रूप से समुद्री अभ्यास किया। इस अभ्यास में अमेरिकी नौसेना, अमेरिकी तटरक्षक बल, जापान की मैरीटाइम सेल्फ-डिफेंस फोर्स, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा की नौसेनाएं शामिल हैं। इसका उद्देश्य समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना और आपसी तालमेल (interoperability) को बेहतर बनाना है। बालिकातन, जिसका मतलब “कंधे से कंधा मिलाकर” होता है, अमेरिका और फिलीपींस के बीच एक पुराना वार्षिक सैन्य अभ्यास है।
इस बार इसमें कुल 7 देशों के करीब 17,000 सैनिक हिस्सा ले रहे हैं। यह अभ्यास 8 मई तक चलेगा। इस अभ्यास का मुख्य मकसद इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखना है। साथ ही, यह समुद्री सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और संभावित खतरों से निपटने की तैयारी को मजबूत करता है। जापान की भूमिका इस बार पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है। पहले वह केवल ऑब्जर्वर के रूप में शामिल होता था, लेकिन अब एक नए रक्षा समझौते के बाद वह सक्रिय रूप से इस अभ्यास में भाग ले रहा है।
जापानी युद्धपोत “Ikazuchi” भी इस ड्रिल का हिस्सा है। रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में जापान ने ताइवान स्ट्रेट से अपने युद्धपोतों को गुजारा, जो पहले वह चीन को नाराज करने से बचने के लिए नहीं करता था। इससे संकेत मिलता है कि क्षेत्र में रणनीतिक गतिविधियां तेजी से बदल रही हैं। कुल मिलाकर, यह सैन्य अभ्यास सिर्फ एक ट्रेनिंग नहीं, बल्कि एक बड़ा रणनीतिक संदेश भी है—कि इंडो-पैसिफिक में कई देश मिलकर क्षेत्रीय सुरक्षा और संतुलन बनाए रखने के लिए तैयार हैं।