Edited By Tanuja,Updated: 15 Apr, 2026 03:36 PM

अमेरिकी सेना ने पूर्वी प्रशांत महासागर में संदिग्ध ड्रग तस्करी जहाज पर हमला कर 4 लोगों को मार गिराया। US Southern Command ने इसे “नार्को-टेरर” के खिलाफ कार्रवाई बताया, जबकि आलोचकों ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन और “एक्स्ट्राज्यूडिशियल...
Washington: अमेरिका ने ड्रग तस्करी और कथित “नार्को-टेररिज्म” के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई को तेज करते हुए पूर्वी प्रशांत महासागर में एक और बड़ा हमला किया है। US Southern Command (SOUTHCOM) ने बताया कि 14 अप्रैल को “जॉइंट टास्क फोर्स साउदर्न स्पीयर” के तहत एक संदिग्ध जहाज पर “लेथल काइनेटिक स्ट्राइक” की गई, जिसमें चार कथित नार्को-आतंकी मारे गए। अमेरिका का कहना है कि ये लोग ड्रग तस्करी से जुड़े थे । अमेरिकी सेना का दावा है कि यह जहाज पूर्वी प्रशांत में ड्रग तस्करी के लिए इस्तेमाल होने वाले मार्ग पर चल रहा था और खुफिया जानकारी के आधार पर इसे निशाना बनाया गया।
इस कार्रवाई में कोई अमेरिकी सैनिक हताहत नहीं हुआ। यह हमला हाल के दिनों में चौथा ऐसा ऑपरेशन है। सोमवार को 2 लोग, शनिवार को दो अलग हमलों में 5 व अब इस हमले में 4 लोग मारे गए। इन सभी घटनाओं को मिलाकर सितंबर से अब तक इस अभियान में करीब 175 लोगों की मौत हो चुकी है। ये सभी हमले अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में किए जा रहे हैं, खासकर पूर्वी प्रशांत और कैरेबियन क्षेत्र में। अमेरिका का कहना है कि यह अभियान लैटिन अमेरिका से ड्रग्स की तस्करी रोकने के लिए जरूरी है। हालांकि, इस अभियान को लेकर गंभीर विवाद भी सामने आ रहे हैं।अंतरराष्ट्रीय कानून विशेषज्ञों ने इसे “extrajudicial killings” बताया है। मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि बिना पर्याप्त सबूत के कार्रवाई की जा रही है।