Edited By Parveen Kumar,Updated: 23 Jun, 2026 07:18 PM

यूरोप में जारी भीषण गर्मी अब जानलेवा साबित हो रही है। फ्रांस समेत कई यूरोपीय देशों में हीटवेव के चलते अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है। इसी बीच एक चौंकाने वाली रिपोर्ट में दावा किया गया है कि गर्मी से राहत पाने के लिए नदी में उतरे करीब 40 लोगों की...
नेशनल डेस्क : यूरोप में जारी भीषण गर्मी अब जानलेवा साबित हो रही है। फ्रांस समेत कई यूरोपीय देशों में हीटवेव के चलते अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है। इसी बीच एक चौंकाने वाली रिपोर्ट में दावा किया गया है कि गर्मी से राहत पाने के लिए नदी में उतरे करीब 40 लोगों की डूबने से मौत हो गई। मृतकों में अधिकांश युवा बताए जा रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भीषण गर्मी से परेशान होकर कई लोग असुरक्षित और प्रतिबंधित क्षेत्रों में नदी में नहाने के लिए उतर गए थे। हालांकि, तेज बहाव और सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण ये लोग हादसे का शिकार हो गए। विशेषज्ञ इसे यूरोप में चल रही भीषण गर्मी के खतरनाक प्रभावों का संकेत मान रहे हैं।
सबसे गर्म रात के बाद बुलाई गई आपात बैठक
फ्रांस में रिकॉर्ड स्तर की गर्म रात दर्ज किए जाने के बाद मंगलवार को सरकार ने आपातकालीन बैठक बुलाई। बैठक में लोगों को गर्मी से बचाव और सुरक्षा उपायों को लेकर कई दिशा-निर्देश जारी किए गए। बैठक के बाद फ्रांसीसी मंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने कहा कि डूबने से जान गंवाने वालों में अधिकांश युवा थे। उन्होंने इन मौतों को "दुखद आपदा" बताते हुए कहा कि ये लोग उस संकट के पहले शिकार हैं, जिसका सामना पूरा देश कर रहा है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि हीटवेव के दौरान किसी भी प्रतिबंधित या असुरक्षित जल क्षेत्र में तैराकी करने से बचें।
हीट स्ट्रोक से दो मासूमों की भी मौत
गर्मी का कहर केवल जल दुर्घटनाओं तक सीमित नहीं रहा। दक्षिण-पूर्वी फ्रांस के कारपेंट्रास इलाके में दो और चार वर्ष की उम्र के दो बच्चों की मौत की सबसे संभावित वजह हीट स्ट्रोक बताई गई है। दोनों बच्चे अपने घर के बाहर खड़ी कार में बेहोश पाए गए थे। इसके अलावा, बोर्डो क्षेत्र में गर्मी से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण 80 से 95 वर्ष आयु वर्ग के तीन बुजुर्गों की भी मौत हो गई।
1947 के बाद सबसे गर्म रात दर्ज
फ्रांस की मौसम एजेंसी ने बताया कि सोमवार और मंगलवार की रात 1947 से रिकॉर्ड रखे जाने के बाद की सबसे गर्म रात साबित हुई। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, देश का औसत तापमान 21.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिसने 2019 में बने पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
कई शहरों में टूटे तापमान के रिकॉर्ड
हीटवेव की वजह से बोर्डो, पोइटियर्स समेत कई शहरों में तापमान ने नए रिकॉर्ड बना दिए। बढ़ती गर्मी से बिजली आपूर्ति और सार्वजनिक सेवाओं पर भी भारी दबाव देखने को मिला। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौसम विभाग ने फ्रांस के 54 शहरों में हीटवेव अलर्ट जारी किया है। छात्रों की सुरक्षा के मद्देनजर कई स्कूलों को समय से पहले बंद किया गया या उनकी समय-सारिणी में बदलाव किया गया है।