Edited By Tanuja,Updated: 18 Jul, 2026 11:24 AM

बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने मस्तंग जिले में पाकिस्तान सेना के काफिले पर बड़े हमले का दावा किया है। संगठन के अनुसार 45 सैनिक मारे गए और कई घायल हुए। पाकिस्तान ने हमले की पुष्टि की है, लेकिन हताहतों की संख्या नहीं बताई। घटना ने बलूचिस्तान में...
International Desk: पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में एक बार फिर हिंसा भड़क उठी है। प्रतिबंधित संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने दावा किया है कि उसने मस्तंग जिले में पाकिस्तान सेना के एक सैन्य काफिले पर बड़ा हमला किया, जिसमें 45 से अधिक पाकिस्तानी सैनिकों की मौत हुई और कई अन्य घायल हो गए। हालांकि पाकिस्तान सेना ने हमले की पुष्टि तो की है, लेकिन हताहतों की संख्या का आधिकारिक खुलासा नहीं किया है। BLA के अनुसार हमला गुरुवार को क्वेटा-कराची हाईवे पर खदकुचा इलाके के पास हुआ। संगठन का दावा है कि पहले सैनिकों को ले जा रही बस को विस्फोट से निशाना बनाया गया। इसके बाद काफिले की सुरक्षा में तैनात जवानों और घटनास्थल पर पहुंची अतिरिक्त सैन्य टुकड़ी पर भी हमला किया गया। संगठन ने इस ऑपरेशन को अपने 'फतह स्क्वाड' की सुनियोजित कार्रवाई बताया और कहा कि पाक सरकार के लिए ये तो सिर्फ ट्रेलर है पिक्चर तो अभी बाकि है।
BLA का कहना है कि शुरुआती विस्फोट के बाद इलाके में काफी देर तक दोनों पक्षों के बीच मुठभेड़ चली। यदि संगठन का दावा सही साबित होता है, तो यह हाल के वर्षों में बलूचिस्तान में पाकिस्तान सेना पर हुए सबसे घातक हमलों में से एक माना जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार बलूचिस्तान का भौगोलिक स्वरूप पाकिस्तान सेना के लिए बड़ी चुनौती है। रेगिस्तान और पहाड़ी इलाकों के कारण सेना को सीमित मुख्य सड़कों का इस्तेमाल करना पड़ता है। उग्रवादी पहले से इन रास्तों पर नजर रखते हैं और ऐसे स्थानों पर घात लगाकर हमला करते हैं, जहां जवाबी कार्रवाई करना मुश्किल हो।
BLA का आरोप है कि पाकिस्तान सेना कई बार सैनिकों को सामान्य यात्री बसों में ले जाती है, जिनमें बम या भारी गोलीबारी से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं होते। ऐसे में सड़क किनारे लगाए गए विस्फोटकों या घात लगाकर किए गए हमलों में भारी नुकसान होने की आशंका रहती है। रिपोर्टों के मुताबिक बलूचिस्तान में स्थानीय स्तर पर पाकिस्तान सेना को पर्याप्त खुफिया जानकारी नहीं मिल पाती। वर्षों से जारी सैन्य अभियानों और स्थानीय लोगों की नाराजगी के कारण सुरक्षा एजेंसियों को सीमित सहयोग मिलता है, जबकि उग्रवादी संगठनों को स्थानीय नेटवर्क से सेना की गतिविधियों की पहले ही जानकारी मिल जाती है।
बलूचिस्तान में पाक सरकार के खिलाफ विद्रोह क्यों?
- पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत बलूचिस्तान देश के कुल भूभाग का लगभग 44 प्रतिशत हिस्सा है, लेकिन यहां केवल करीब 6 प्रतिशत आबादी रहती है।
- यह इलाका प्राकृतिक गैस, तांबा, सोना, कोयला और अन्य खनिज संसाधनों से समृद्ध है।
- बलूच संगठनों का आरोप है कि इन संसाधनों का लाभ स्थानीय लोगों के बजाय केंद्र सरकार, सेना और चीनी कंपनियों को मिलता है, जबकि क्षेत्र आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है।
- पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर पीस स्टडीज (PIPS) के अनुसार वर्ष 2025 में बलूचिस्तान में 254 विद्रोही हमले दर्ज किए गए, जिनमें 1,026 लोगों की मौत हुई।
- दूसरी ओर BLA ने दावा किया है कि उसने 2025 में 521 हमलों में 1,060 सुरक्षाकर्मियों को मार गिराया।
- इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। पाकिस्तान सेना के मीडिया विंग ISPR ने हमले की पुष्टि की है, लेकिन अब तक मारे गए या घायल सैनिकों की संख्या सार्वजनिक नहीं की है।
- सुरक्षा एजेंसियां इलाके में तलाशी अभियान चला रही हैं और पूरे मामले की जांच जारी है।