3 सैनिकों समेत 9 लोगों की मौत, इजरायल ने लेबनान पर की भीषण बमबारी

Edited By Updated: 06 Jun, 2026 07:20 PM

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दक्षिणी लेबनान में इजराइली हवाई हमलों में तीन लेबनानी सैनिकों समेत नौ लोगों की मौत हो गई। लेबनानी सेना और सरकारी मीडिया ने यह जानकारी दी। हमला दोनों पक्षों के बीच नए युद्धविराम समझौते के कुछ दिन बाद हुआ है। सेना ने कहा कि सुबह नबातियेह शहर को...

नेशनल डेस्क : दक्षिणी लेबनान में इजराइली हवाई हमलों में तीन लेबनानी सैनिकों समेत नौ लोगों की मौत हो गई। लेबनानी सेना और सरकारी मीडिया ने यह जानकारी दी। हमला दोनों पक्षों के बीच नए युद्धविराम समझौते के कुछ दिन बाद हुआ है। सेना ने कहा कि सुबह नबातियेह शहर को मरजायूं कस्बे से जोड़ने वाली सड़क पर एक वाहन पर हुए एक हवाई हमले में एक ब्रिगेडियर जनरल, एक कैप्टन और एक अन्य सैनिक की मौत हो गई। हालांकि, सेना ने उनके नाम सार्वजनिक नहीं किए।

सरकारी नेशनल न्यूज एजेंसी ने बताया कि सक्साकियाह गांव में हुए एक अन्य हवाई हमले में छह लोगों की मौत हो गई और चार व्यक्ति घायल हो गए। सेना ने बयान में कहा, "लेबनान, इसके लोगों और सेना के खिलाफ इजराइल की आक्रामकता से हमारा संकल्प, विश्वास व दृढ़ निश्चय और मजबूत होगा।" इसने कहा कि इजराइल के हमलों का उद्देश्य स्थिरता बहाल करने, व्यापक युद्धविराम स्थापित करने और कब्जे वाले लेबनानी क्षेत्रों से इजराइल की वापसी का मार्ग प्रशस्त करने के प्रयासों को विफल करना है। इजराइली सेना ने एक वाहन को निशाना बनाए जाने की पुष्टि की और कहा कि इस घटना की जांच की जा रही है।

सेना ने एक बयान में कहा कि वह वाहन क्फार तिबनित गांव के पास इज़राइली सैनिकों की ओर ''संदिग्ध तरीके से बढ़ रहा था'', जबकि सेना को ''ठोस संकेत'' मिले थे कि हिज्बुल्ला इस क्षेत्र से इज़राइली सैनिकों पर गोलीबारी करवाने वाला है। इजराइली सेना ने कहा कि वह हिज़्बुल्ला के खिलाफ कार्रवाई करती है, लेबनानी सेना के खिलाफ नहीं तथा घटना की जांच जारी है। लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ ओउन ने इस हमले को ''लेबनान की संप्रभुता व अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन'' बताया। उन्होंने कहा कि यह हमला लगातार बढ़ते तनाव का हिस्सा है, जो दक्षिणी लेबनान में स्थिरता और सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रहा है।

ओउन ने कहा कि वॉशिंगटन में जारी वार्ताओं के माध्यम से लेबनान इजराइली हमलों को रुकवाने के लिए प्रयास कर रहा है। हाल में अमेरिका की मध्यस्थता में इजराइल और लेबनान सरकार के बीच हुई बातचीत के बाद संघर्षविराम समझौता लागू हुआ था। लेबनान सरकार का आरोप है कि हिज्बुल्ला ने देश को युद्ध में धकेल दिया है और सरकार उसे निरस्त्र करने के प्रयास कर रही है। हालांकि, हिज्बुल्ला ने इस युद्धविराम को स्वीकार नहीं किया है। शुक्रवार को, लेबनान के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने लेबनान सरकार और इज़राइल के बीच हुए नवीनतम युद्धविराम समझौते का विरोध करने के लिए ईरान की आलोचना की। उन्होंने कहा था कि ईरान को अमेरिका के साथ बातचीत में उनके देश को ''सौदेबाजी का मोहरा'' नहीं बनाना चाहिए।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने शनिवार को 'एक्स' पर एक पोस्ट में जवाब देते हुए कहा कि लेबनानी राष्ट्रपति जोसेफ ओउन की टिप्पणियों के बाद ''ऐसा लगता है मानो ईरान ने लेबनान के पांचवें हिस्से पर कब्जा कर लिया हो, एक-चौथाई लेबनानियों को विस्थापित कर दिया हो और प्रतिदिन उनके देश पर बमबारी कर रहा हो।'' अरागची ने इजराइल का संदर्भ देते हुए कहा, ''यदि लेबनान ईरान के लिए सौदेबाजी का मोहरा होता, तो हमारे बीच बहुत पहले ही समझौता हो गया होता। श्रीमान राष्ट्रपति, लेबनान को उसके वास्तविक दुश्मन से बचाइए।" 

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