एक ही व्यक्ति की दो उम्र : यहां पैदा होते ही 1 साल का हो जाता है बच्चा, नए साल पर उम्र हो जाती है 2 साल

Edited By Updated: 11 Oct, 2026 01:37 PM

aditional chinese practice of nominal age makes people up to 2 years older

चीन की पारंपरिक ‘शू सुई’ पद्धति में बच्चे को जन्म के समय ही एक साल का माना जाता है। चीनी नववर्ष आते ही उसकी उम्र में एक साल और जुड़ जाता है। इस कारण पारंपरिक और सामान्य गणना में एक या दो साल का अंतर हो सकता है। आधुनिक सरकारी दस्तावेजों में जन्मतिथि...

Bejing: दुनिया के ज्यादातर देशों में बच्चा जन्म के समय शून्य वर्ष का होता है और जन्मदिन आने पर उसकी उम्र एक साल बढ़ती है। लेकिन चीन की एक पुरानी परंपरा में बच्चे को जन्म लेते ही एक साल का माना जाता है। इसके बाद चीनी नववर्ष पर उसकी उम्र में एक साल और जुड़ जाता है। इस तरीके को ‘शू सुई’ कहा जाता है।  चीन की पारंपरिक उम्र गणना का तरीका सामान्य व्यवस्था से अलग है। इसमें बच्चे के जन्म के समय ही उसकी उम्र एक साल मानी जाती है। इसके बाद उम्र बढ़ने के लिए जन्मदिन का इंतजार नहीं किया जाता, बल्कि चीनी नववर्ष आते ही एक साल और जोड़ दिया जाता है।  मिसाल के तौर पर, यदि कोई बच्चा चीनी नववर्ष से ठीक एक दिन पहले पैदा होता है, तो पारंपरिक गणना में उसकी उम्र एक साल होगी। अगले दिन नया साल शुरू होते ही वह दो साल का माना जा सकता है, जबकि वास्तविक समय के हिसाब से उसने दुनिया में केवल एक दिन बिताया होगा।

 

क्या है ‘शू सुई’ परंपरा?
उम्र गिनने के इस पारंपरिक तरीके को चीनी भाषा में ‘शू सुई’ (Xu Sui) कहा जाता है। इसकी जड़ें चीन की पुरानी सांस्कृतिक मान्यताओं और पारंपरिक चंद्र कैलेंडर से जुड़ी हैं। इस व्यवस्था में उम्र को केवल जन्मदिन से नहीं, बल्कि नए साल के आगमन से भी जोड़ा जाता था।  कुछ विवरणों में इस परंपरा को प्राचीन चीन में शून्य की अवधारणा के इस्तेमाल से भी जोड़ा जाता है। हालांकि, इसकी पूरी व्याख्या केवल इसी एक कारण से करना सही नहीं होगा। इसके पीछे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परंपराओं की भी भूमिका रही है।

 

और ये भी पढ़े

    एक ही व्यक्ति की दो उम्र ?
    इस तरीके में किसी व्यक्ति की उम्र सामान्य गणना से एक या दो साल अधिक हो सकती है। यह अंतर इस बात पर निर्भर करता है कि उसका जन्म चीनी नववर्ष से पहले हुआ या बाद में। सामान्य अंतरराष्ट्रीय पद्धति में उम्र जन्मतिथि के आधार पर गिनी जाती है और प्रत्येक जन्मदिन पर एक साल बढ़ती है। वहीं, ‘शू सुई’ में जन्म के समय एक साल जोड़ने और चीनी नववर्ष पर उम्र बढ़ाने की परंपरा के कारण दोनों गणनाओं में अंतर पैदा होता है। आधुनिक चीन में सरकारी दस्तावेजों और कानूनी मामलों में आमतौर पर जन्मतिथि पर आधारित उम्र का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, पारंपरिक ‘शू सुई’ पद्धति कुछ लोगों, खासकर बुजुर्गों और कुछ ग्रामीण समुदायों में अब भी प्रचलित बताई जाती है।यह परंपरा दिखाती है कि उम्र गिनने का तरीका हमेशा हर समाज में एक जैसा नहीं रहा। जहां आज जन्मदिन उम्र बढ़ने का प्रमुख आधार है, वहीं चीन की इस पुरानी व्यवस्था में नए साल को भी उम्र से जोड़कर देखा जाता था।


     

    Related Story

      Trending Topics

      img title
      img title

      Be on the top of everything happening around the world.

      Try Premium Service.

      Subscribe Now!