Edited By Parveen Kumar,Updated: 05 Jan, 2026 08:33 PM

बांग्लादेश में जारी हिंसा और अशांति के बीच एक और हिंदू युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। ताजा मामला जसोर जिले के मोनिरामपुर इलाके का है, जहां राणा प्रताप वैरागी नामक युवक को अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। बीते 18 दिनों में...
नेशनल डेस्क: बांग्लादेश में जारी हिंसा और अशांति के बीच एक और हिंदू युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। ताजा मामला जसोर जिले के मोनिरामपुर इलाके का है, जहां राणा प्रताप वैरागी नामक युवक को अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। बीते 18 दिनों में यह पांचवें हिंदू की हत्या बताई जा रही है। हैरानी की बात यह है कि इस घटना को लेकर अब तक पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है और न ही हत्या की वजह स्पष्ट हो पाई है।
इससे पहले गुरुवार को अज्ञात बदमाशों ने एक हिंदू कारोबारी पर बेहद क्रूर हमला किया था। पीड़ित की पहचान चंद्र दास के रूप में हुई, जो दवा की दुकान और मोबाइल बैंकिंग का व्यवसाय करते थे। बताया गया कि दुकान बंद कर घर लौटते समय उन पर हमला किया गया।
ऑटो रिक्शा से खींचकर की गई हैवानियत
रिपोर्ट्स के मुताबिक, चंद्र दास ऑटो रिक्शा में सफर कर रहे थे, तभी हमलावरों ने वाहन रोककर उन्हें जबरन नीचे खींच लिया। इसके बाद उनकी बेरहमी से पिटाई की गई और धारदार हथियारों से हमला किया गया। आरोप है कि हमलावरों ने उन पर पेट्रोल डालकर आग भी लगा दी। जान बचाने के लिए दास सड़क किनारे स्थित एक तालाब में कूद गए। लोगों के शोर मचाने पर हमलावर मौके से फरार हो गए।
18 दिसंबर से सिलसिलेवार हत्याएं
बताया जा रहा है कि एक अन्य घटना के बाद से कट्टरपंथियों द्वारा हिंदुओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। 18 दिसंबर को दीपू चंद्र दास नामक 25 वर्षीय हिंदू युवक की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी और अंत में उसके शरीर पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई थी।
इसके करीब एक हफ्ते बाद 24 दिसंबर को राजबारी जिले के पांग्शा कस्बे में अमृत मंडल नामक एक अन्य हिंदू व्यक्ति की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। वहीं 31 दिसंबर को भी भीड़ द्वारा एक हिंदू की जान ले लिए जाने की घटना सामने आई थी।
लगातार हो रही इन घटनाओं ने बांग्लादेश में हिंदू समुदाय की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय रिपोर्ट्स में इन हत्याओं के पीछे कट्टरपंथी तत्वों का हाथ बताया जा रहा है, जिनका निशाना कथित तौर पर केवल हिंदू समुदाय बन रहा है।