Edited By Tanuja,Updated: 15 Feb, 2026 01:29 PM

म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस के दौरान पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर को प्रवेश से पहले आईडी दिखाने को कहा गया, जिसका वीडियो वायरल हो गया। इस बीच जर्मनी में सिंधी संगठन JSMM ने उनके खिलाफ प्रदर्शन कर मानवाधिकार उल्लंघन का मुद्दा उठाया।
International Desk: जर्मनी के म्यूनिख शहर में आयोजित म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस के दौरान पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि सम्मेलन में प्रवेश से पहले एक सुरक्षा अधिकारी उन्हें अपना पहचान पत्र (ID कार्ड) ठीक से सामने रखने का निर्देश देता है।
फील्ड मार्शल आसिम मुनीर अपनी टीम के साथ सम्मेलन स्थल पर पहुंचे थे। जैसे ही वे एंट्री गेट के पास आए, वहां तैनात सुरक्षा अधिकारी ने उनके गले में लटक रहे बैज की ओर इशारा करते हुए कहा “क्या आप इसे सामने की ओर कर सकते हैं?” यह सामान्य सुरक्षा जांच का हिस्सा था, लेकिन घटना कैमरे में कैद हो गई और बाद में इसे सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया गया। इस घटनाक्रम के साथ ही जर्मनी में मौजूद एक सिंधी राजनीतिक संगठन जेय सिंध मुत्ताहिदा महाज (JSMM) ने आसिम मुनीर की सम्मेलन में भागीदारी के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने सम्मेलन स्थल के बाहर प्रदर्शन कर पाकिस्तान में मानवाधिकार उल्लंघनों का मुद्दा उठाया।
JSMM के चेयरमैन शफी बुरफत ने संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ और जर्मन सरकार समेत अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों को बयान भेजकर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि पाकिस्तान में कथित दमन और मानवाधिकार उल्लंघनों के आरोपी व्यक्ति की ऐसे वैश्विक मंच पर मौजूदगी चिंताजनक है। उल्लेखनीय है कि म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित सुरक्षा मंचों में से एक है, जहां हर साल विभिन्न देशों के नेता, राजनयिक और रक्षा विशेषज्ञ वैश्विक शांति, युद्ध और सुरक्षा चुनौतियों पर विचार-विमर्श करते हैं। इस साल सम्मेलन में आसिम मुनीर की उपस्थिति और उनसे जुड़ा सुरक्षा जांच वीडियो चर्चा का केंद्र बन गया है।