ताइवान के चारों ओर चीन की घेराबंदी तेज, 10 सैन्य विमान और 7 नौसैनिक जहाज डिफेंस ज़ोन में घुसे

Edited By Updated: 27 May, 2026 06:38 PM

taiwan detects 10 sorties of chinese military aircraft 7 vessels around itself

ताइवान के आसपास चीन की सैन्य गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि चीन के 10 सैन्य विमान और 7 नौसैनिक जहाज उसके आसपास देखे गए। इनमें से कई विमान ताइवान स्ट्रेट की मध्य रेखा पार कर एयर डिफेंस ज़ोन में घुस गए, जिसके बाद...

International Desk: ताइवान के आसपास चीन की सैन्य गतिविधियां एक बार फिर बढ़ गई हैं। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि बुधवार सुबह तक चीन के 10 सैन्य विमान और 7 नौसैनिक जहाज उसके आसपास सक्रिय देखे गए। ताइवान के मुताबिक, इन 10 विमानों में से 9 ने ताइवान स्ट्रेट की मध्य रेखा पार की और ताइवान के उत्तरी, मध्य और दक्षिण-पश्चिमी एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन ज़ोन (ADIZ) में प्रवेश किया। ताइवान की सेना ने कहा कि उसने पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी और स्थिति का जवाब देने के लिए अपने रक्षा सिस्टम सक्रिय कर दिए। इससे एक दिन पहले भी चीन की बड़ी सैन्य गतिविधि दर्ज की गई थी।

 

मंगलवार को ताइवान ने चीन के 29 सैन्य विमान, 7 नौसैनिक जहाज और एक सरकारी जहाज को अपने आसपास देखा था। इनमें से 24 विमान ताइवान के अलग-अलग एडीआईज़ेड क्षेत्रों में घुसे थे। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि उसकी सेना पूरी तरह सतर्क है और हर गतिविधि की निगरानी कर रही है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि अमेरिका “ताइवान मुद्दे” पर काम करेगा। उन्होंने दावा किया था कि उनकी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अच्छी बातचीत हुई है। चीन लंबे समय से ताइवान को अपना हिस्सा बताता रहा है। बीजिंग का कहना है कि ताइवान चीन से अलग नहीं है और भविष्य में उसका एकीकरण होना चाहिए।

 

वहीं ताइवान खुद को एक स्वतंत्र लोकतांत्रिक व्यवस्था मानता है। उसका अपना संविधान, सेना और सरकार है। ताइवान का कहना है कि उसके भविष्य का फैसला वहां की जनता करेगी। ताइवान को लेकर चीन और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ता रहा है। अमेरिका आधिकारिक तौर पर “वन चाइना पॉलिसी” मानता है, लेकिन वह ताइवान को सैन्य और राजनीतिक समर्थन भी देता है।विशेषज्ञों का मानना है कि चीन की लगातार बढ़ती सैन्य गतिविधियां ताइवान पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा हैं। ताइवान स्ट्रेट में बढ़ता तनाव पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है।

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