Edited By Tanuja,Updated: 03 Mar, 2026 12:37 PM

ईरान-यूएस युद्ध के बीच सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमला हुआ। अमेरिका ने बहरीन और जॉर्डन से गैर-जरूरी कर्मचारियों को निकालने का आदेश दिया। दुबई में अमेरिकी सैनिकों की इमारत और ऑस्ट्रेलियाई अल मिन्हाद बेस पर भी ड्रोन हमले की खबर है।
International Desk: ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष अब खाड़ी देशों तक फैल चुका है। ईरान का अमेरिका पर ट्रिपल अटैक किया गया है। ईरान ने सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमला किया जिसके बाद अमेरिका ने बहरीन और जॉर्डन से गैर-जरूरी कर्मचारियों को निकालने का आदेश दिया है। इस बीच दुबई में अमेरिकी सैनिकों की इमारत और ऑस्ट्रेलियाई अल मिन्हाद बेस पर भी ड्रोन हमले की खबर है। United States Embassy in Riyadh ने मंगलवार को पुष्टि की कि परिसर पर ड्रोन हमला हुआ है। दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा “हमले के कारण अगली सूचना तक दूतावास में न आएं।” वीजा और काउंसुलर सेवाओं के लिए जिन लोगों को अपॉइंटमेंट दिया गया था, उन्हें भी फिलहाल आने से मना किया गया है। Saudi Arabia के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि दूतावास को दो ड्रोन से निशाना बनाया गया।
Dubai मेंअमेरिकी सैनिकों की ईमारत उड़ाई
Dubai में सामने आए वीडियो में एक ड्रोन इमारतों के ऊपर से उड़ता दिखाई देता है और फिर तेज धमाके के साथ एक बिल्डिंग को निशाना बनाता है। आग की लपटें और अफरा-तफरी का दृश्य बेहद भयावह बताया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, हमले का निशाना अमेरिकी सैनिकों से जुड़ी इमारत थी। हालांकि शुरुआती दावों के अनुसार सभी अमेरिकी सैनिक सुरक्षित हैं।
ऑस्ट्रेलियाई अल मिन्हाद बेस भी निशाने पर
ईरान ने दुबई के पास स्थित Al Minhad Air Base को भी निशाना बनाया। Richard Marles ने कहा कि बेस पर हमला हुआ, लेकिन सभी ऑस्ट्रेलियाई सैनिक सुरक्षित हैं और उनकी गिनती पूरी कर ली गई है। करीब 100 ऑस्ट्रेलियाई सैनिक मध्य पूर्व में तैनात हैं, जिनमें से अधिकांश United Arab Emirates में मौजूद हैं।
बहरीन और जॉर्डन से निकासी आदेश
United States Department of State ने सुरक्षा जोखिमों का हवाला देते हुए Bahrain और Jordan से गैर-जरूरी कर्मचारियों और उनके परिवारों को निकालने का आदेश दिया है।साथ ही, पश्चिम एशिया में रह रहे अमेरिकियों से क्षेत्र छोड़ने पर विचार करने की अपील की गई है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि हालात नहीं सुधरे, तो पूरा पश्चिम एशिया एक व्यापक क्षेत्रीय युद्ध में घिर सकता है।