Edited By Anu Malhotra,Updated: 08 Sep, 2026 10:51 AM

फ्रांस की राजधानी पेरिस का सबसे मशहूर एफिल टॉवर एक अनोखे विवाद के बाद बंद कर दिया गया। एक हिंदू धार्मिक प्रतिनिधिमंडल के दौरे के दौरान एफिल टॉवर की महिला कर्मचारियों को 'नज़र से दूर रहने' और अपने कार्यस्थल छोड़ने का निर्देश दिया गया, जिससे...
पेरिस: पेरिस का प्रतिष्ठित एफिल टावर कर्मचारियों के विरोध के कारण सोमवार को बंद कर दिया गया। कर्मचारियों ने एक हिंदू धार्मिक समूह के दौरे के समय महिला कर्मचारियों को उनके कार्यस्थल से ''अलग रखे जाने'' के विरोध में काम बंद कर दिया था। 'यूरोन्यूज' ने सोमवार को बताया कि यह घटना शनिवार को हुई, जब बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) से जुड़े करीब 100 लोगों ने एफिल टावर का दौरा किया था। श्रमिक संगठन की एक प्रतिनिधि डायने डावोइन ने फ्रांसीसी टेलीविजन को बताया कि शनिवार को प्रतिनिधिमंडल के दौरे के दौरान महिला कर्मचारियों को ''उनके कार्यस्थलों से हटा दिया गया था, ताकि प्रतिनिधिमंडल वहां से गुजर सके।''
रिपोर्ट में कहा गया है कि एफिल टावर के कर्मचारियों ने एक बयान जारी कर उन 'पेशेवर निर्देशों' की निंदा की, जिनके कारण ''महिला कर्मचारियों को उनकी लैंगिक पहचान के आधार पर कार्यस्थल से अलग रखा गया तथा उनकी जगह दूसरे कर्मचारियों को लाया गया।'' एफिल टावर का संचालन करने वाली कंपनी सीईटीई ने स्वीकार किया है कि हिंदू प्रतिनिधिमंडल ने अनुरोध किया था कि उसके दौरे का आयोजन इस तरह किया जाए कि ''महिलाओं के साथ बातचीत'' को यथासंभव सीमित रखा जा सके। कंपनी ने कहा कि ''इन शर्तों को स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए था।''
इस बीच, पेरिस स्थित बीएपीएस हिंदू मंदिर ने ''इससे हुई पीड़ा या असुविधा'' के लिए माफी मांगते हुए एक बयान जारी किया है। उसने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर जारी बयान में कहा, ''हम उठाई गई चिंताओं को समझते हैं और उन्हें बेहद गंभीरता से लेते हैं। हमारे प्रतिनिधिमंडल में बड़ी संख्या में लोग शामिल थे, इसलिए अन्य पर्यटकों को कम से कम असुविधा हो, इसे ध्यान में रखते हुए एफिल टावर की टीम के साथ समन्वय कर दौरे का आयोजन टावर के खुलने के सामान्य समय की शुरुआत में किया गया था।''
बयान में कहा गया है, ''हमारी जानकारी के अनुसार, किसी भी समय किसी को एफिल टावर में प्रवेश करने से नहीं रोका गया। फिर भी, हम उन सभी लोगों से दिल से माफी मांगना चाहते हैं, जिन्हें इस स्थिति से ठेस पहुंची या किसी तरह की असुविधा हुई।'' शनिवार की इस घटना से कर्मचारियों में नाराजगी फैल गई और फ्रांस के वरिष्ठ नेताओं ने भी इसकी आलोचना की। पेरिस के मेयर इमैनुएल ग्रेगोआर ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि 'एफिल टावर के कर्मचारियों के बीच पैदा आक्रोश'' की उन्हें जानकारी है और ऐसी शर्तों पर सहमति जताया जाना 'अस्वीकार्य' है। नेशनल असेंबली की अध्यक्ष याएल ब्राउन-पिवे ने भी इस घटना की निंदा की।