Edited By Tanuja,Updated: 20 Oct, 2026 02:38 PM

सऊदी अरब में मक्का की एक मस्जिद में कथित अश्लील कृत्य के मामले में दो बांग्लादेशी नागरिकों को मृत्युदंड दिया गया। बांग्लादेश सरकार ने विस्तृत जानकारी के लिए सऊदी राजदूत को तलब किया है। मृत्युदंड पाए पुरुष की मां अपने बेटे का शव स्वदेश लाने और न्याय...
Dhaka: सऊदी अरब में दो बांग्लादेशी नागरिकों को मौत की सजा दिए जाने की खबर ने विवाद खड़ा कर दिया है। सऊदी अरब के गृह मंत्रालय के अनुसार, एक बांग्लादेशी पुरुष और महिला को मक्का की एक मस्जिद में कथित ‘अश्लील कृत्य’ करने का दोषी पाए जाने के बाद पिछले बुधवार को मृत्युदंड दिया गया।सऊदी अरब की सरकारी समाचार एजेंसी ‘सऊदी प्रेस एजेंसी’ ने मृत्युदंड पाने वाले दोनों लोगों की पहचान नवविवाहित कपल नजरुल इस्लाम अब्दुल बशीर और सिती अख्तर के रूप में बताई है। हालांकि, मंत्रालय ने कथित कृत्य का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया। सऊदी अधिकारियों ने कहा कि अपराध की गंभीरता और मस्जिद की पवित्रता के उल्लंघन को देखते हुए यह सजा दी गई।
स्थानीय मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक, बांग्लादेशी अधिकारियों ने कहा कि उन्हें मक्का में दो नागरिकों को मृत्युदंड दिए जाने की जानकारी कार्रवाई के बाद मिली। इस मामले में बांग्लादेश सरकार अब अदालत के फैसले और कानूनी प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रही है। बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री शमा ओबैद ने बताया कि दोनों लोगों को वर्ष 2023 में हिरासत में लिया गया था। उन्होंने कहा कि सरकार अदालत के फैसले की आधिकारिक प्रति मिलने का इंतजार कर रही है। मामले की जानकारी लेने के लिए बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने ढाका में सऊदी अरब के राजदूत अब्दुल्लाह बिन जाफर एच. बिन अबियाह को भी तलब किया था।
जेल से मां से की थी बात
मृत्युदंड पाए पुरुष का संबंध बांग्लादेश के ब्राह्मणबाड़िया जिले से बताया गया है। परिवार के मुताबिक, वह नवंबर 2022 में रोजगार के लिए सऊदी अरब गया था और वहां पहुंचने के करीब छह महीने बाद उसे हिरासत में ले लिया गया था। उसकी मां रहीमा बेगम ने बीबीसी बांग्ला को बताया कि उनके बेटे ने मौत की खबर सामने आने से कुछ दिन पहले ही जेल से परिवार के साथ फोन पर बातचीत की थी। उस समय उसे जल्द मृत्युदंड दिए जाने का कोई संकेत नहीं मिला था। बुधवार शाम को बेटे की मौत की खबर मिलने के बाद परिवार में मातम छा गया। रहीमा बेगम ने बताया कि खबर सुनने के तुरंत बाद उनके बेटे की बुआ को आघात लगा और उनकी मौत हो गई।
रहीमा बेगम अपने बेटे का शव जल्द से जल्द बांग्लादेश लाने की मांग कर रही हैं। उन्होंने बीबीसी बांग्ला से भावुक अपील करते हुए कहा, “तीन साल और तीन महीने से मैंने अपने बेटे का चेहरा नहीं देखा है। मैं कम से कम आखिरी बार उसका चेहरा देख सकूं।” परिवार ने इस मामले में न्याय की मांग भी की है। हालांकि, शव को बांग्लादेश लाने की व्यवस्था को लेकर अभी विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। सऊदी अरब में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिक रोजगार करते हैं। इनमें से कई लोग कम वेतन वाली नौकरियों में काम करते हैं और अपने परिवारों की आजीविका के लिए विदेश में रहते हैं। बांग्लादेश सरकार सऊदी अधिकारियों से मामले की विस्तृत जानकारी मांग रही है। सरकार को अदालत के फैसले की प्रति मिलने के बाद ही कानूनी प्रक्रिया और घटनाक्रम के बारे में अधिक स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।