चिकित्सा जगत की ऐतिहासिक उपलब्धि, पहली बार सुअर का गुर्दा मनुष्य में प्रतिरोपित, ज़ेनो ट्रांसप्लांटेशन में जगी नई उम्मीद!

Edited By Updated: 04 Nov, 2025 05:09 PM

first clinical trial of pig kidney transplants gets underway

इस परीक्षण को एफडीए ने मंजूरी दी है। छह मरीजों पर होने वाले इन ट्रायल्स से “ज़ेनो ट्रांसप्लांटेशन” में बड़ी प्रगति की उम्मीद है, जो भविष्य में अंग संकट को कम कर सकता है।

Washington: अमेरिका में चिकित्सा जगत ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। देश में पहली बार सुअर का आनुवंशिक रूप से संशोधित गुर्दा मनुष्य में प्रतिरोपित किया गया है, ताकि यह देखा जा सके कि क्या इस तरह किसी व्यक्ति का जीवन बचाया जा सकता है। न्यूयॉर्क के एनवाईयू लेंगोन हेल्थ मेडिकल सेंटर में किए गए इस क्लिनिकल ट्रायल की पुष्टि कंपनी ने की है, जिसने इन अंगों को इंसानों के शरीर में अनुकूल बनाने के लिए जीन एडिटिंग की है। इसे चिकित्सा विज्ञान में एक बड़ी छलांग माना जा रहा है।

 

अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने इस सख्त शोध को मंजूरी दी है। शुरुआती चरण में छह मरीजों पर यह परीक्षण किया जाएगा।डॉ. रॉबर्ट मोंटगोमरी, जो इस ट्रायल टीम का नेतृत्व कर रहे हैं, ने बताया कि अस्पताल के पास इच्छुक मरीजों की सूची तैयार है।इससे पहले भी सुअर के गुर्दे दो बार मनुष्य में प्रतिरोपित किए जा चुके हैं, लेकिन वे लंबे समय तक काम नहीं कर पाए। अलबामा की एक महिला में प्रतिरोपित गुर्दा 130 दिन और न्यू हैम्पशायर के एक व्यक्ति में 271 दिन तक सक्रिय रहा। अब यह नया परीक्षण “ज़ेनो ट्रांसप्लांटेशन” तकनीक को एक नए मुकाम तक ले जाने की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है। इस सफलता से भविष्य में अंग प्रत्यारोपण की कमी को दूर करने की बड़ी उम्मीदें जगी हैं।

  

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