Edited By Tanuja,Updated: 12 May, 2026 03:01 PM

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer पर इस्तीफे का दबाव बढ़ गया है। चुनावी झटकों और पार्टी के अंदर बढ़ते असंतोष के बीच कई वरिष्ठ मंत्रियों ने उन्हें पद छोड़ने की सलाह दी है। हालांकि स्टारमर ने साफ कहा कि नेतृत्व चुनौती शुरू नहीं हुई और वह सरकार...
London: ब्रिटेन की राजनीति में बड़ा संकट खड़ा होता दिखाई दे रहा है। प्रधानमंत्री कीर स्टॉर्मर (Keir Starmer) पर इस्तीफे का दबाव लगातार बढ़ रहा है, लेकिन उन्होंने साफ कर दिया है कि वह पद नहीं छोड़ेंगे और सरकार चलाते रहेंगे। डाउनिंग स्ट्रीट की ओर से जारी बयान में स्टारमर ने कैबिनेट बैठक के दौरान कहा कि पार्टी के भीतर नेतृत्व चुनौती की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है और देश सरकार से काम जारी रखने की उम्मीद करता है। उन्होंने कहा, “पिछले 48 घंटे सरकार के लिए अस्थिर रहे हैं और इसका आर्थिक असर देश तथा परिवारों पर पड़ रहा है। लेकिन लेबर पार्टी में नेता को चुनौती देने की एक प्रक्रिया होती है और वह शुरू नहीं हुई है।” ब्रिटिश अखबार The Telegraph की रिपोर्ट के मुताबिक कैबिनेट के छह वरिष्ठ मंत्री चाहते हैं कि स्टारमर पद छोड़ दें। रिपोर्ट में जिन मंत्रियों का नाम सामने आया उनमें शामिल हैं:
- शबाना महमूद
- जॉन हीली
- एड मिलिबैंड
- लिसा नैंडी
- इवेट कूपर
- वेस स्ट्रीटिंग
बताया जा रहा है कि इन नेताओं ने स्टारमर से नेतृत्व परिवर्तन पर विचार करने को कहा है।
सरकार से पहला इस्तीफा
इसी बीच सरकार को बड़ा झटका तब लगा जब हाउसिंग, कम्युनिटीज और लोकल गवर्नमेंट मंत्री मियाटा फानबुले (Miatta Fahnbulleh) ने इस्तीफा दे दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में कहा कि सरकार ने बदलाव की रफ्तार, विजन और साहस नहीं दिखाया जिसकी जनता को उम्मीद थी।
फाहनबुलेह ने स्टारमर से “देश और पार्टी के हित में व्यवस्थित नेतृत्व परिवर्तन की समयसीमा तय करने” की अपील की। उन्होंने लिखा, “जनता अब विश्वास नहीं करती कि आप वह बदलाव ला सकते हैं जिसकी हमने उनसे वादा किया था।”
डाउनिंग स्ट्रीट में बढ़ी हलचल
मंगलवार सुबह डाउनिंग स्ट्रीट में लगातार मंत्रियों की आवाजाही देखी गई। ट्रांसपोर्ट सेक्रेटरी Heidi Alexander और ट्रेजरी मंत्री James Murray भी नंबर 10 पहुंचे, लेकिन उन्होंने मीडिया के सवालों का जवाब नहीं दिया। इसी दौरान कई लेबर सांसदों ने भी सार्वजनिक रूप से स्टारमर से पद छोड़ने की मांग शुरू कर दी है।
चुनावी नतीजों के बाद संकट
हालिया चुनावी नतीजों के बाद लेबर पार्टी के अंदर असंतोष बढ़ा है। कई नेताओं का मानना है कि पार्टी जनता की उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई और इससे सरकार की विश्वसनीयता कमजोर हुई है। अब नजर इस बात पर है कि क्या लेबर पार्टी के भीतर औपचारिक नेतृत्व चुनौती शुरू होती है या स्टारमर किसी समझौते के जरिए अपनी कुर्सी बचाने में सफल रहते हैं।