Edited By Tanuja,Updated: 17 May, 2026 07:34 PM

नेपाल सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय सामानों पर लगाए गए विवादित कस्टम नियम पर रोक लगा दी है। अदालत ने कहा कि अंतिम फैसला आने तक 100 नेपाली रुपये से अधिक के सामान पर ड्यूटी नहीं वसूली जाएगी। फैसले से सीमा क्षेत्रों के लोगों और छोटे व्यापारियों को बड़ी राहत...
International Desk: भारत-नेपाल सीमा पर रहने वाले लोगों और छोटे व्यापारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। नेपाल के सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय सामानों पर लगाए गए विवादित कस्टम नियम पर फिलहाल रोक लगा दी है। अदालत ने आदेश दिया कि अंतिम फैसला आने तक 100 नेपाली रुपये से अधिक मूल्य के सामान पर कस्टम ड्यूटी वसूलने वाला नियम लागू नहीं किया जाएगा। नेपाल सरकार ने हाल ही में भारत से आने वाले यात्रियों के लिए कस्टम नियमों को सख्ती से लागू करना शुरू किया था। इसके तहत अगर कोई व्यक्ति भारत से 100 नेपाली रुपये से ज्यादा कीमत का सामान लेकर नेपाल में प्रवेश करता, तो उसे कस्टम ड्यूटी देनी पड़ती।इस फैसले का सबसे ज्यादा असर सीमा क्षेत्रों में रहने वाले आम लोगों, छोटे व्यापारियों और रोजाना आवाजाही करने वाले नागरिकों पर पड़ा।
भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा होने के कारण बड़ी संख्या में लोग घरेलू सामान, कपड़े, खाद्य सामग्री और रोजमर्रा की जरूरत की चीजें खरीदने के लिए दोनों देशों के बीच आते-जाते रहते हैं। नए नियम के बाद सीमा चौकियों पर जांच बढ़ा दी गई थी और कई जगह विरोध प्रदर्शन भी शुरू हो गए थे। लोगों का कहना था कि रोजमर्रा के छोटे सामान पर भी टैक्स वसूली आम जनता के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। नेपाल सुप्रीम कोर्ट की संयुक्त पीठ, जिसमें जस्टिस हरि प्रसाद फुयाल और टेक प्रसाद धुंगाना शामिल थे, ने प्रधानमंत्री कार्यालय, वित्त मंत्रालय और अन्य संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि अंतिम सुनवाई तक इस नियम को लागू न किया जाए। याचिकाकर्ताओं ने अदालत में दलील दी कि यह नियम नेपाल के कस्टम एक्ट 2081 की भावना के खिलाफ है। उनका कहना था कि छोटे मूल्य के सामानों को पहले से छूट देने का प्रावधान मौजूद है, लेकिन सरकार ने सख्ती दिखाकर आम नागरिकों को परेशान करना शुरू कर दिया।
इस फैसले के बाद सीमा क्षेत्रों के व्यापारिक संगठनों और नागरिक समूहों ने राहत की सांस ली है। स्थानीय बाजारों में व्यापार पर भी इसका असर पड़ रहा था, क्योंकि नेपाल के नागरिक अक्सर भारत के सीमावर्ती शहरों से सस्ता सामान खरीदते हैं। इस मुद्दे पर भारत ने भी चिंता जताई थी। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा था कि भारत नेपाल सरकार के कदमों से जुड़ी खबरों पर नजर रखे हुए है और समझता है कि नेपाल अनौपचारिक व्यापार और तस्करी रोकने की कोशिश कर रहा है। हालांकि इस मामले में सीधे तौर पर नेपाल के प्रधानमंत्री Balen Shah की भूमिका नहीं बताई गई, लेकिन सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में सरकार की नीतियों को लेकर आलोचना तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि आर्थिक दबाव के बीच ऐसे फैसलों ने आम जनता की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।