फ्रांस की नेवी ने पकड़ा रूसी तेल टैंकर, जहाज पर भारतीय नागरिक सवार, कैप्टन हिरासत में, क्यों हुई कार्रवाई?

Edited By Updated: 25 Jan, 2026 10:02 PM

french navy has seized a russian oil tanker indian citizens were on board ship

फ्रांस की नौसेना ने भूमध्य सागर में एक बड़े तेल टैंकर को रोककर जब्त कर लिया है। इस जहाज का नाम ‘ग्रिंच’ (Grinch) बताया गया है।

इंटरनेशनल डेस्कः फ्रांस की नौसेना ने भूमध्य सागर में एक बड़े तेल टैंकर को रोककर जब्त कर लिया है। इस जहाज का नाम ‘ग्रिंच’ (Grinch) बताया गया है। फ्रांसीसी अधिकारियों ने जहाज के कप्तान को हिरासत में ले लिया है, जो भारतीय नागरिक है। इसके अलावा जहाज पर मौजूद अन्य क्रू मेंबर्स भी भारतीय बताए जा रहे हैं।

क्यों रोका गया जहाज?

फ्रांसीसी अधिकारियों को शक है कि यह जहाज रूस पर लगे पश्चिमी प्रतिबंधों को चकमा देने के लिए काम कर रहा था। संदेह है कि जहाज ‘फर्जी झंडे’ (False Flag) के तहत चलाया जा रहा था, ताकि उसकी असली पहचान छिपाई जा सके।

मार्सिली ले जाया गया जहाज

मार्सिली अभियोजक कार्यालय ने जानकारी दी कि फ्रांसीसी नौसेना ने गुरुवार को इस जहाज को रोका और उसे फ्रांस के बंदरगाह शहर मार्सिली की ओर मोड़ दिया। अधिकारियों का मानना है कि यह टैंकर रूस के उस तथाकथित ‘शैडो फ्लीट’ का हिस्सा हो सकता है, जिसका इस्तेमाल रूस अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बावजूद अपना तेल बेचने के लिए करता है।

कप्तान हिरासत में, पूछताछ जारी

अभियोजकों के अनुसार जहाज के कप्तान को प्रारंभिक जांच के लिए हिरासत में लिया गया है। उनसे जहाज के संचालन, मालिकाना हक और झंडे की वैधता को लेकर पूछताछ हो रही है। जहाज पर मौजूद बाकी भारतीय चालक दल फिलहाल जहाज पर ही हैं। जांच अधिकारी दस्तावेजों और नेविगेशन रिकॉर्ड्स की गहन जांच कर रहे हैं।

रूस से निकला था जहाज

फ्रांसीसी अधिकारियों ने बताया कि यह तेल टैंकर जनवरी की शुरुआत में रूस के मरमांस्क (Murmansk) बंदरगाह से रवाना हुआ था। उस समय जहाज पर कोमोरोस (Comoros) देश का झंडा लगा हुआ था। अब जांच की जा रही है कि यह झंडा वास्तविक था या सिर्फ दिखावे के लिए इस्तेमाल किया गया।

अधिकारियों को शक है कि जहाज ने अपनी असली पहचान छिपाने के लिए ‘फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन’ अपनाया।

क्या है ‘शैडो फ्लीट’?

यूक्रेन युद्ध के बाद यूरोपीय संघ (EU) ने रूस पर अब तक 19 अलग-अलग आर्थिक प्रतिबंध पैकेज लगाए हैं। इनका मकसद रूस की तेल और गैस से होने वाली कमाई को कम करना है। लेकिन रूस ने इन प्रतिबंधों से बचने के लिए पुराने टैंकरों का एक बड़ा बेड़ा तैयार किया। ऐसे जहाजों का इस्तेमाल किया जो पश्चिमी बीमा और निगरानी सिस्टम से बाहर काम करते हैं। इन्हें ही ‘शैडो फ्लीट’ कहा जाता है। इन जहाजों के जरिए रूस भारत और चीन जैसे देशों को रियायती दामों पर लाखों बैरल तेल सप्लाई करता रहा है।

पहले भी हो चुकी है ऐसी कार्रवाई

यह पहली बार नहीं है जब फ्रांस ने ऐसा कदम उठाया हो। अक्टूबर में फ्रांस ने अपने पश्चिमी तट के पास ‘बोराके’ नाम के एक अन्य प्रतिबंधित टैंकर को रोका था। हालांकि, कुछ दिनों की जांच के बाद उस जहाज को छोड़ दिया गया था।

आगे क्या होगा?

फिलहाल ‘ग्रिंच’ टैंकर फ्रांसीसी अधिकारियों की हिरासत में है। जब तक दस्तावेजों और झंडे की पूरी पुष्टि नहीं हो जाती, जहाज को छोड़ा नहीं जाएगा और जांच के नतीजों के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई तय होगी।

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