Edited By Tanuja,Updated: 02 May, 2026 12:47 PM

घाना ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित स्वास्थ्य समझौते को ठुकरा दिया। सरकार का कहना है कि इससे संवेदनशील स्वास्थ्य डेटा तक अत्यधिक पहुंच मिल सकती थी। इससे पहले जिम्बाब्वे भी पीछे हट चुका है, जबकि जाम्बिया ने भी आपत्ति जताई है।
International Desk: छोटे से एक और अफ्रीकी देश ने अमेरिका को ठेंगा दिखाते हुए इसकी एक खास डील ठुकरा दी है। घाना ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित स्वास्थ्य समझौते को मानने से इंकार कर दिया है और अब वह एक नए समझौते पर बातचीत करना चाहता है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। इससे पहले भी कई अफ्रीकी देश डेटा साझा करने को लेकर चिंताओं के कारण इस समझौते से पीछे हट चुके हैं। घाना के डेटा संरक्षण आयोग के कार्यकारी निदेशक अर्नोल्ड कावारपुओ के अनुसार, इस समझौते में ऐसे प्रावधान हैं जिनसे अमेरिकी संस्थाओं को जरूरी सुरक्षा उपायों के बिना घाना के स्वास्थ्य संबंधी संवेदनशील आंकड़ों तक पहुंच मिल सकती है।
कावारपुओ ने 'एसोसिएटेड प्रेस' से कहा कि समझौते के तहत डेटा तक जिस स्तर की पहुंच मांगी गई थी, वह ''आम तौर पर जरूरी मानी जाने वाली सीमा से कहीं अधिक'' थी। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने इस मामले में कहा कि मंत्रालय द्विपक्षीय वार्ता का ब्योरा सार्वजनिक नहीं करता। अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर कहा, ''हम दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय साझेदारी को मजबूत करने के तरीकों की तलाश जारी रखे हुए हैं।'' वैश्विक स्वास्थ्य वित्त पोषण के प्रति 'अमेरिका फर्स्ट' दृष्टिकोण के तहत अमेरिका ने 30 से अधिक देशों के साथ इस प्रकार के स्वास्थ्य समझौते किए हैं।
इन देशों में ज्यादातर अफ्रीकी देश हैं। इन समझौतों के तहत अमेरिका उन कुछ अफ्रीकी देशों को करोड़ों डॉलर की सहायता देने की पेशकश करता है जो अमेरिकी सहायता में कटौती से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। इस सहायता का उद्देश्य उनकी सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों को सहारा देना और बीमारियों के प्रकोप से लड़ने में मदद करना है लेकिन इन समझौतों ने डेटा की गोपनीयता को लेकर सवाल खड़े किए हैं। इससे पहले जिम्बाब्वे ने इस समझौते का प्रस्ताव ठुकरा दिया था और खबरों के अनुसार, जाम्बिया ने भी समझौते के एक हिस्से पर आपत्ति जताई है लेकिन वहां अब तक कोई फैसला नहीं किया गया है।