Edited By Tanuja,Updated: 09 May, 2026 03:55 PM

घाना (Ghana) में “सेक्स फॉर जॉब्स” प्रथा पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। जॉन महामा (John Mahama) ने नौकरी के बदले यौन संबंध मांगने की प्रथा को अपराध घोषित करने की मांग की है। सरकार अब इस लैंगिक शोषण के खिलाफ सख्त कानून लाने पर विचार कर रही है।
International Desk: घाना (Ghana) के राष्ट्रपति जॉन महामा (John Mahama) ने “सेक्स फॉर जॉब्स” यानी नौकरी के बदले यौन संबंध मांगने की प्रथा को अपराध घोषित करने की मांग की है। इसे घाना में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते लैंगिक शोषण पर सरकार की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। यह मुद्दा कोफोरिडुआ में आयोजित एक टाउन हॉल कार्यक्रम के दौरान सामने आया, जब एक छात्रा ने भर्ती प्रक्रिया में महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव पर सवाल उठाया। इसके जवाब में राष्ट्रपति महामा ने कहा कि मौजूदा कानून इस समस्या से निपटने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि कई बार नौकरी देने वाले अधिकारी या नियोक्ता महिला उम्मीदवारों से नौकरी के बदले निजी या रोमांटिक संबंध की मांग करते हैं, जो पूरी तरह अस्वीकार्य है। राष्ट्रपति ने साफ कहा कि इस तरह की प्रथा को रोकने के लिए अलग कानून बनाया जाना चाहिए। घाना में पहले से यौन उत्पीड़न और घरेलू हिंसा के खिलाफ कानून मौजूद हैं, लेकिन एक्टिविस्टों का कहना है कि ये कानून नौकरी मिलने से पहले होने वाले शोषण को रोकने में प्रभावी नहीं हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, घाना में युवाओं में भारी बेरोजगारी, सीमित सरकारी नौकरियां और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी इस समस्या को बढ़ा रही है। ऐसे माहौल में शक्तिशाली लोग नौकरी चाहने वाली महिलाओं पर दबाव बना लेते हैं।
पूर्व कानूनी सलाहकार विक्टोरिया ब्राइट ने राष्ट्रपति के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि “सेक्स फॉर जॉब्स” भ्रष्टाचार और शक्ति के दुरुपयोग का रूप है, जिसे किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता। सामाजिक संगठनों का कहना है कि बदनामी और डर की वजह से पीड़ित महिलाएं शिकायत दर्ज कराने से बचती हैं। इसी कारण ऐसे मामलों में मुकदमे बहुत कम होते हैं और दोषियों में कानून का डर नहीं बनता।