Edited By Tanuja,Updated: 04 May, 2026 12:15 PM

ईरान ने अमेरिका को 14-सूत्रीय प्रस्ताव भेजा है, जिसमें युद्ध खत्म करने पर जोर है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान 15 साल तक यूरेनियम संवर्धन रोकने पर चर्चा को तैयार है, हालांकि आधिकारिक तौर पर परमाणु मुद्दे को प्रस्ताव से अलग बताया गया है।
International Desk: जंग से तंग आए ईरान ने अमेरिका के साथ चल रहे तनाव को खत्म करने के लिए 14-सूत्रीय नया प्रस्ताव दिया है। इस प्रस्ताव का मुख्य फोकस युद्ध को खत्म करना और क्षेत्र में शांति बहाल करना है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने 3 मई को अपने एक बयान में जोर देकर कहा कि ईरान का यह प्रस्ताव पूरी तरह से युद्ध को खत्म करने पर केंद्रित है । इस प्रस्ताव में परमाणु मुद्दा सीधे तौर पर शामिल नहीं है। उनका कहना है कि यह पूरी तरह युद्ध खत्म करने पर केंद्रित है। लेकिन रिपोर्ट्स से संकेत मिलता है कि भविष्य में परमाणु मुद्दे पर बातचीत की जा सकती है। प्रस्ताव के मुताबिक, पहले चरण में युद्ध खत्म करने, होर्मुज़ जलडमरूमध्य को खोलने और ईरान पर लगी अमेरिकी नाकेबंदी हटाने की बात की गई है।
इसके बाद दूसरे चरण में परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा हो सकती है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान यूरेनियम संवर्धन रोकने के “विचार पर चर्चा” करने को तैयार है। अल जज़ीरा की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने "15 साल तक" यूरेनियम संवर्धन को रोकने की पेशकश की है। यह पिछली ईरानी पेशकशों के मुकाबले काफी लंबी अवधि है। पहले ईरान ने पांच वर्षों के लिए संवर्धन को रोकने का प्रस्ताव दिया था। प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि संवर्धन में रुकावट खत्म होने के बाद ईरान 3.6 प्रतिशत तक संवर्धन कर सकता है। 2015 के 'संयुक्त व्यापक कार्य योजना' (JCPOA) के तहत ईरान को पहले 3.67 प्रतिशत तक संवर्धन करने की अनुमति थी। राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले ही संकेत दे दिया था कि वो चाहते हैं कि ईरान यूरेनियम संवर्धन को हमेशा के लिए बंद कर दे। हालांकि ईरान ने साफ किया है कि वह अपनी परमाणु सुविधाओं को नष्ट नहीं करेगा।
साथ ही, उसने अपने अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम (HEU) के भंडार के बारे में भी चर्चा करने की बात कही है जैसे इसे विदेश भेजना या कम करना।दूसरी ओर डोनाल्ड ट्रंप ने इस प्रस्ताव को लेकर सावधानी दिखाई है। उन्होंने कहा कि वह इसे देख रहे हैं, लेकिन उन्हें भरोसा नहीं है कि इससे कोई पक्का समझौता हो पाएगा।ईरान ने इस प्रस्ताव में यह भी मांग रखी है कि अमेरिका उस पर लगे प्रतिबंध हटाए और उसके बंदरगाहों पर लगी नाकेबंदी खत्म करे। साथ ही, क्षेत्र से अमेरिकी सैनिकों की वापसी और युद्ध के नुकसान की भरपाई की बात भी कही गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी प्रतिबंधों और युद्ध के कारण ईरान की अर्थव्यवस्था पर भारी असर पड़ा है। 20 लाख से ज्यादा लोग बेरोजगार हो चुके हैं, जिससे सरकार पर आंतरिक दबाव बढ़ रहा है।