Edited By Tanuja,Updated: 19 Oct, 2026 05:26 PM

यमन के शबवा प्रांत में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने अल-अलम सैन्य शिविर पर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। सैन्य अधिकारियों के मुताबिक, कम से कम 20 सैनिक मारे गए और 24 घायल हुए। बढ़ते संघर्ष ने 2022 के संघर्षविराम को खतरे में डाल दिया है। सादा...
Cairo: यमन में संघर्ष एक बार फिर तेज हो गया है। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सोमवार को दक्षिणी यमन के शबवा प्रांत में सरकारी सेना के एक सैन्य शिविर पर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। यमन के दो सैन्य अधिकारियों के मुताबिक, हमले में कम से कम 20 सैनिकों की मौत हो गई और करीब 24 अन्य घायल हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, हमला शबवा प्रांत स्थित अल-अलम सैन्य शिविर पर किया गया। जानकारी देने वाले सैन्य अधिकारी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार से जुड़े हैं। उन्होंने पहचान उजागर नहीं करने की शर्त पर जानकारी दी, क्योंकि उन्हें मीडिया से बात करने की आधिकारिक अनुमति नहीं थी।
यह हमला हाल के महीनों में बढ़ती लड़ाई की सबसे घातक घटनाओं में से एक बताया गया है। हूतियों और सऊदी अरब समर्थित यमनी सरकारी बलों के बीच बढ़ते संघर्ष ने 2022 के उस संघर्षविराम को फिर खतरे में डाल दिया है, जिसने गृहयुद्ध की लड़ाई को काफी हद तक रोक दिया था। हाल के महीनों में व्यापक ईरान-अमेरिका संघर्ष को लेकर क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के साथ यमन में भी हिंसा तेज हुई है। इससे पहले रविवार को यमन के उत्तरी सादा प्रांत में हवाई हमले में कम से कम नौ लोगों की मौत हुई थी। हूती-नियंत्रित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, मृतकों में पांच बच्चे और दो महिलाएं शामिल थीं। हूती पक्ष ने हमले के लिए सऊदी नेतृत्व वाले बलों को जिम्मेदार ठहराया है। विद्रोहियों के मुताबिक, सप्ताहांत में हुए अन्य हमलों में भी 30 से अधिक लोग मारे गए या घायल हुए। हालांकि, सऊदी अरब की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई थी।