भारत में चलता है UPI...तो ईरान में क्या होता है इस्तेमाल? जानें वहां का डिजिटल पेमेंट सिस्टम

Edited By Updated: 02 Mar, 2026 05:56 PM

if upi works in india what is it used for in iran learn about their digital

ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बीच दुनिया भर में इस देश को लेकर चर्चा तेज है। जहां एक ओर राजनीतिक और सैन्य हालात पर नजर है, वहीं कई लोग यह भी जानना चाहते हैं कि ईरान में रोजमर्रा के डिजिटल लेनदेन किस तरह किए जाते हैं।

नेशनल डेस्क: ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बीच दुनिया भर में इस देश को लेकर चर्चा तेज है। जहां एक ओर राजनीतिक और सैन्य हालात पर नजर है, वहीं कई लोग यह भी जानना चाहते हैं कि ईरान में रोजमर्रा के डिजिटल लेनदेन किस तरह किए जाते हैं।

ईरान में ट्रांजैक्शन के लिए ‘Shetab’ नाम का सिस्टम इस्तेमाल होता है। यह देश का अपना इंटरबैंक नेटवर्क है, जिसके जरिए बैंक कार्ड, एटीएम और पीओएस मशीनों पर भुगतान किया जाता है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण ईरान में मास्टरकार्ड और वीजा जैसे ग्लोबल कार्ड नेटवर्क काम नहीं करते। इसी वजह से वहां के बैंकों ने घरेलू सिस्टम ‘Shetab’ को अपनाया और मजबूत किया।

2002 में हुई थी शुरुआत
Shetab की शुरुआत साल 2002 में की गई थी। इसे Central Bank of Iran ने लॉन्च किया था। इसका पूरा नाम इंटरबैंक इंफॉर्मेशन ट्रांसफर नेटवर्क है। यह सिस्टम देश के विभिन्न बैंकों को आपस में जोड़ता है और कार्ड आधारित भुगतान को संभव बनाता है।


भारत के UPI जैसा उदाहरण
अगर तुलना की जाए तो भारत में जिस तरह National Payments Corporation of India ने 2016 में यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) शुरू किया, उसी तरह ईरान में Shetab घरेलू लेनदेन का मुख्य आधार है। UPI के जरिए भारत में लोग मोबाइल फोन से QR कोड स्कैन कर या नंबर डालकर तुरंत पैसे भेज सकते हैं। यह सिस्टम आज देश में बेहद लोकप्रिय हो चुका है और लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है।

Shetab और UPI की कार्यप्रणाली अलग है। Shetab मुख्य रूप से कार्ड और बैंकिंग नेटवर्क आधारित ट्रांजैक्शन सिस्टम है, जबकि UPI सीधे बैंक खातों को मोबाइल ऐप के माध्यम से जोड़ता है।

प्रतिबंधों का असर
ईरान पर वर्षों से लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण वहां विदेशी पेमेंट नेटवर्क का संचालन नहीं हो पाता। ऐसे में Shetab देश की वित्तीय प्रणाली का अहम हिस्सा बन चुका है। हालिया घटनाओं के बीच कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि संघर्ष के दौरान ईरान के सरकारी नेटवर्क और कुछ लोकप्रिय ऐप्स को साइबर हमलों का भी सामना करना पड़ा है। हमलों के बाद संचार तंत्र और सरकारी ढांचे को निशाना बनाए जाने की भी खबरें सामने आई हैं।

कुल मिलाकर, जहां एक ओर ईरान सैन्य और राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रहा है, वहीं दूसरी ओर उसका घरेलू डिजिटल पेमेंट सिस्टम Shetab अंतरराष्ट्रीय अलगाव के बावजूद देश के भीतर लेनदेन को सुचारू रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!