Edited By Tanuja,Updated: 28 Feb, 2026 12:56 PM

एपी सूत्रों के मुताबिक अमेरिका इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर हमलों में शामिल है। तेहरान में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई के कार्यालय के पास धमाके हुए। क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य जमावड़ा पहले से मौजूद है। ईरान ने जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी ठिकानों को...
International Desk: एपी सूत्रों के अनुसार, United States इजरायल द्वारा ईरान पर किए जा रहे हमलों में भाग ले रहा है। यह जानकारी एक अमेरिकी अधिकारी और ऑपरेशन से परिचित व्यक्ति ने गुमनाम शर्त पर दी है। इजरायल ने शनिवार को दिनदहाड़े Tehran पर हमला किया, जहां सर्वोच्च नेता Ali Khamenei के कार्यालय के पास पहला बड़ा विस्फोट सुना गया। इजराइल के हवाई हमले के बाद ईरान ने एयरस्पेस बंद कर दिया है। ईरानी अधिकारियों का दावा है कि सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई तेहरान में नहीं हैं, और उन्हें एक सुरक्षित जगह पर भेज दिया गया है। सिविलियन एयरक्राफ्ट तेज़ी से निकल रहे हैं।अमेरिका की खुली भागीदारी की खबर ने हालात को और विस्फोटक बना दिया है। अब पूरी दुनिया की नजर इस पर है कि तेहरान अगला कदम क्या उठाता है।
खामेनेई की मौजूदगी पर संशय
यह स्पष्ट नहीं है कि 86 वर्षीय खामेनेई उस समय अपने कार्यालय में मौजूद थे या नहीं। बढ़ते तनाव के बीच वे कई दिनों से सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं। ईरानी सरकारी टीवी ने धमाकों की पुष्टि की, लेकिन कारण या हताहतों की कोई जानकारी नहीं दी। इजरायल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने कहा कि हमला “राज्य के खिलाफ खतरों को हटाने” के उद्देश्य से किया गया। हमले के साथ ही पूरे इजरायल में सायरन बजने लगे। इजरायली सेना ने जनता को संभावित मिसाइल हमलों के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी।
अमेरिका की भूमिका कितनी गहरी?
हालांकि अमेरिकी भागीदारी की पुष्टि सूत्रों ने की है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि उनकी सैन्य भूमिका कितनी व्यापक है। अमेरिकी सेना ने तत्काल कोई आधिकारिक टिप्पणी करने से इनकार किया। राष्ट्रपति Donald Trump पहले ईरान के साथ परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने के लिए समझौता चाहते थे। लेकिन ईरान ने यूरेनियम संवर्धन का अधिकार न छोड़ने और अपने मिसाइल कार्यक्रम पर चर्चा से इनकार किया है।
व्यापक युद्ध की शुरुआत?
ईरान पहले ही चेतावनी दे चुका है कि यदि उस पर हमला हुआ तो क्षेत्र में फैले अमेरिकी सैन्य अड्डे और कर्मी निशाने पर होंगे।हमलों के बाद ईरान ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया। तेहरान में लगातार विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। रूस-यूक्रेन युद्ध, इजरायल-ईरान टकराव, अफगानिस्तान-पाकिस्तान तनाव और लेबनान-सीरिया में हमलों के बीच सवाल उठ रहा है क्या यह व्यापक वैश्विक संघर्ष की शुरुआत है? विशेषज्ञों का मानना है कि अभी इसे “विश्वयुद्ध” कहना जल्दबाजी होगी, लेकिन यदि क्षेत्रीय शक्तियां सीधे आमने-सामने आ गईं, तो स्थिति नियंत्रण से बाहर जा सकती है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर तेहरान और वॉशिंगटन के अगले कदम पर है।