Edited By Tanuja,Updated: 02 Apr, 2026 02:38 PM

यूरोपीय आयोग प्रमुख Ursula von der Leyen और ब्रिटेन के पीएम Keir Starmer ने ईरान की कार्रवाइयों को वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए खतरा बताया। होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव से ऊर्जा सप्लाई, व्यापार और महंगाई पर बड़ा असर पड़ने की आशंका जताई गई है।
International Desk: यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन (Ursula von der Leyen) ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ( Keir Starmer) के साथ बातचीत के बाद ईरान को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि ईरान की मौजूदा गतिविधियां वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए बड़ा खतरा बन रही हैं। यह चर्चा खास तौर पर होरमुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में बढ़ते तनाव को लेकर हुई, जो दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है। यहां किसी भी तरह की बाधा से पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट पैदा हो सकता है।
क्या है बड़ा खतरा?
होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का एक बड़ा हिस्सा तेल और गैस सप्लाई होता है। अगर यहां जहाजों की आवाजाही रुकती है, तो तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं और महंगाई पर असर पड़ सकता है। वॉन डेर लेयेन ने कहा कि यूरोप और उसके सहयोगी मिलकर जल्द से जल्द समुद्री मार्ग को सुरक्षित और चालू करने के लिए काम कर रहे हैं।
ब्रिटेन का रुख
ब्रिटिश पीएम Keir Starmer ने भी साफ किया कि यह युद्ध ब्रिटेन का नहीं है, लेकिन इसका असर देश की अर्थव्यवस्था पर जरूर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार हर हाल में हालात से निपटने के लिए तैयार है। स्टार्मर ने महंगाई और बढ़ती लागत पर चिंता जताते हुए कहा कि मिडिल ईस्ट में तनाव कम करना सबसे जरूरी है। उन्होंने बताया कि ब्रिटेन कूटनीतिक प्रयासों में जुटा है और जल्द ही कई देशों के साथ बैठक करेगा।
35 देशों की तैयारी
ब्रिटेन ने 35 देशों को साथ लाकर समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने की योजना बनाई है, ताकि फंसे हुए जहाजों और नाविकों को सुरक्षित निकाला जा सके और जरूरी सामानों की सप्लाई फिर से शुरू हो सके। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात नहीं सुधरे तो वैश्विक बाजार, खासकर तेल और गैस सेक्टर, पर गहरा असर पड़ सकता है। फिलहाल सभी देश कूटनीतिक समाधान तलाशने में जुटे हैं।